को-ऑपरेटिव बैंक को बदनाम करने की साजिश

हाजीपुर : जिश के तहत बैंक को दिवालिया बता बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. वर्ष 2003 से अब तक के वित्तीय लेन-देन की सीबीआइ से जांच हो जाये, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा. बैंक को गर्त में मिलानेवाले लोगों को खुद के गिरेबां में झांकना चाहिए. दी […]
हाजीपुर : जिश के तहत बैंक को दिवालिया बता बदनाम करने की कोशिश की जा रही है. वर्ष 2003 से अब तक के वित्तीय लेन-देन की सीबीआइ से जांच हो जाये, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा. बैंक को गर्त में मिलानेवाले लोगों को खुद के गिरेबां में झांकना चाहिए. दी वैशाली सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष विशुनदेव राय ने उक्त बातें कहीं. उन्होंने कहा कि पूर्व अध्यक्ष शिवनारायण मिश्र ने बैंक को गर्त में मिला दिया था. बड़ी मुश्किल से उन्होंने बैंक को घाटे से उबारा है.
आज बैंक मुनाफे के साथ न सिर्फ बेहतर काम कर रहा है, बल्कि ग्राहकों के विश्वास पर भी खरा उतरा है. बैंक को दिवालिया बता बदनाम करने का आरोप लगानेवाले उपाध्यक्ष रघुवंश नारायण सिंह समेत चार डायरेक्टरों को बोर्ड से बरखास्त कर दिया गया है. विशुनदेव राय ने पूर्व अध्यक्ष शिवनारायण मिश्र व वर्तमान उपाध्यक्ष रघुवंश नारायण सिंह के आरोपों को एक सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बैंक अच्छे तरीके से काम कर रहा है.
आरोपों को मनगढ़त बताते हुए पूर्व अध्यक्ष पर ही भारी अनियमितता का आरोप लगाया. शुक्रवार को दी वैशाली सेंट्रल कोआपरेटिव बैंक के अध्यक्ष श्री राय ने बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के साथ लंबी बैठक की. बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में अध्यक्ष ने जानकारी दी कि दो दिन पहले बैंक के पूर्व अध्यक्ष शिवनारायण मिश्रा, उपाध्यक्ष रघुवंश नारायण सिंह, निदेशक शैलेंद्र कुमार पांडेय, कृष्णदेव सिंह, जगलाल पासवान ने जो आरोप लगाया है, वह सब बेबुनियाद है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




