वसंतोत्सव 2016. दूसरे दिन मंच पर फूटे हंसगुल्ले

Updated at : 20 Mar 2016 4:22 AM (IST)
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वसंतोत्सव 2016. दूसरे दिन मंच पर फूटे हंसगुल्ले

कवि सम्मेलन में लगे ठहाके हाजीपुर : हास्य कवि सम्मेलन में लोगों ने जम कर ठहाके लगाये और पारंपरिक होली गीतों का भरपूर आनंद उठाया. नगर अक्षयवट राय स्टेडियम में वैशाली कला मंच द्वारा आयोजित वसंतोत्सव 2016 के दूसरे दिन हास्य कवि सम्मेलन और होली गायन का आयोजन किया गया. कवियों व कविताओं का रसवर्षा […]

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कवि सम्मेलन में लगे ठहाके

हाजीपुर : हास्य कवि सम्मेलन में लोगों ने जम कर ठहाके लगाये और पारंपरिक होली गीतों का भरपूर आनंद उठाया. नगर
अक्षयवट राय स्टेडियम में वैशाली कला मंच द्वारा आयोजित वसंतोत्सव 2016 के दूसरे दिन हास्य कवि सम्मेलन और होली गायन का आयोजन किया गया. कवियों व कविताओं का रसवर्षा गुदगुदाने पर विवश कर रही थी, तो दूसरी तरफ कवि सम्मेलन के बाद हुए पारंपरिक होली गायन की प्रस्तुति पर लोग झूम उठे.
कार्यक्रम का उद्घाटन शिक्षाविद् प्रो डाॅ नवल किशोर प्रसाद श्रीवास्तव, साहित्यकार उमाशंकर उपेक्षित, संस्कृतिकर्मी अखौड़ी चंद्रशेखर, पूर्व जिला पार्षद अवधेश कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर युवा शायर रवि कुमार रचित पुस्तक ‘शायरी ए दर्द आशना’ का विमोचन किया गया. डाॅ नवल किशोर प्रसाद श्रीवास्तव की अध्यक्षता एवं रवींद्र कुमार रतन के संचालन में शुरू हुए हास्य कवि सम्मेलन में कविताओं की ऐसी रसवर्षा हुई कि लोग वाह-वाह कहने लगे. कविता ‘आयल बंसत बाग बगिया फुलायल अंगना में होली के रंग छितरायल’,
हास्य कविता ‘यहां चल रहा कैसा लूट लपाटा मेरे भाई, जनता धन सबने मिलकर बांटा मेरे भाई’, ‘रंग कहां उड़ाये, महंगाई ने मारा चाटा’, ‘हम्मर बीबी है लौंगिया मिरचाई’, ‘बारिश हुई चुनाव की भींग गया इनसान’, चेहरे पर है लालिमा अधरों पर मुस्कान, प्रकट हुए है आजकल जनता के भगवान’ आदि दर्जनों कविताओं पर लोग ठहाका लगाते रहे.
कार्यक्रम में हरिविलास राय, शंभु शरण मिश्र, डॉ वीरमणी राय, मनोरंजन वर्मा, डॉ विजय विक्रम, डॉ संजय विजित्वर, आशुतोष कुमार, केएन ठाकुर, मेदनी कुमार मेनन, रवि कुमार, धर्मवीर कुमार, बच्चा बाबू, रविंद्र कुमार रतन आदि कवियों ने कविताओं की प्रस्तुति कर मंत्रमुग्ध कर दिया. हास्य कवि सम्मेलन के बाद प्रसिद्ध लोक गायक शिलानाथ सिंह एवं वरिष्ठ गायक देवानंद ठाकुर ने पारंपरिक होली गायन की ऐसी प्रस्तुति की लोग झूम उठे.
लोक कलाकार शिलानाथ सिंह ने ‘भरल पिचकारी चलाव न बालम’ एवं हास्य ‘माई गे माई कइसन खोजले जमाई, ब्याह के बदले कइले सगाई’ अदि गीतों की प्रस्तुति कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया. कृष्ण कुमार सिन्हा के निर्देशन में पहले दिन बच्चियों द्वारा प्रस्तुति झीझीया नृत्य, बिहार गीत आदि नृत्य-गीत को लोगों काफी सराहना की.
मौके पर वैशाली कला मंच के कार्यकारी अध्यक्ष प्रो. चंद्रभूषण सिंह शशि, रामजनम राजन, धर्मराज सिंह, संस्कृतिकर्मी अमरेश श्रीवास्तव के अलावा जिले भर के संस्कृतिकर्मी व साहित्य प्रेमी उपस्थित थे. स्वागत रंगकर्मी क्षितिज प्रकाश ने किया और सचिव देवेंद्र गुप्त ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
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