खर्च 136 करोड़, लेकिन लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं

Updated at : 23 Nov 2015 6:18 AM (IST)
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खर्च 136 करोड़, लेकिन लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं

हाजीपुर : वैशाली जिले में गांव से लेकर शहर तक पेयजल की समस्या बनी हुई है. ग्रामीण इलाकों में में जहां जलापूर्ति केंद्रों के बंद रहने के चलते लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है, वहीं हाजीपुर शहरी क्षेत्र में ब्रांच पाइप नहीं बिछाये जाने के कारण घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा […]

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हाजीपुर : वैशाली जिले में गांव से लेकर शहर तक पेयजल की समस्या बनी हुई है. ग्रामीण इलाकों में में जहां जलापूर्ति केंद्रों के बंद रहने के चलते लोगों को पीने का पानी नहीं मिल रहा है,

वहीं हाजीपुर शहरी क्षेत्र में ब्रांच पाइप नहीं बिछाये जाने के कारण घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है. कई ऐसे इलाके हैं, जहां पानी सप्लाइ के पाइप क्षतिग्रस्त होने के कारण जलापूर्ति बंद है. जिले के कई हिस्सों में लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं.

पाइप क्षतिग्रस्त, जलापूर्ति बंद : जिले की ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत जलापूर्ति केंद्रों से व्यवस्था की गयी थी.
लोगों तक पानी पहुंचाने के लिए उन केंद्रों से गांव और टोले तक पाइप बिछाये गये. यह व्यवस्था टिकाऊ साबित नहीं हुई. जो पीबीसी पाइप बिछाये गये थे, उससे ज्यादा दिनों तक पानी की सप्लाइ नहीं हो सकी. बिछाये गये लगभग सभी जलापूर्ति केंद्रों के पाइप क्षतिग्रस्त होते चले गये. क्षतिग्रस्त पाइपों की न तो मरम्मत की गयी और न ही उन्हें बदला जा सका. नतीजा यह हुआ कि ग्रामीणों को जो पानी मिल रहा था, वह भी बंद हो गया.
आधे जलापूर्ति केंद्र हैं वर्षों से बंद : जिले के 36 में से 18 जलापूर्ति केंद्र बंद पड़े हैं. इसके कारण लाखों की आबादी शुद्ध पेयजल से वंचित है. इन जलापूर्ति केंद्रों का मेंटेनेंस भी वर्षों पहले से बंद कर दिया गया.
मालूम हो कि पहले से स्थापित ग्रामीण जलापूर्ति केंद्रों का मेंटेनेंस तथा पाइप बदलने का काम इस नाम से पुनर्गठन योजना में नहीं लिया गया कि अब बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना से ही पानी की सप्लाइ की जायेगी. बताते चलें कि जिले के सहदेई, देसरी, बिदुपुर के जलापूर्ति केंद्रों के 75 प्रतिशत पाइप क्षतिग्रस्त हो चुके हैं.
उधर, एनएच 77 पर सड़क चौड़ीकरण के दौरान पानी सप्लाइ के पाइप क्षतिग्रस्त होने के चलते दिग्धी, सराय, भगवानपुर एवं गोरौल के जलापूर्ति केंद्रों का लाभ लोगों को नहीं मिल रहा. लगभग चार साल से लोगों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ रही है.
कब पूरी होगी बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना? जिले के बिदुपुर प्रखंड क्षेत्र में पांच साल पहले शुरू की गयी.
बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना कब तक पूरी होगी, यह कहना मुश्किल है. 2009-10 में इस योजना का काम शुरू हुआ था, जिसे 2011 के दिसंबर तक पूरा करना था. जिस गति से यह कार्य चल रहा है.
उसे देख कर नहीं लगता कि अगले दो साल में भी यह पूरा हो पायेगा. योजना के तहत करीब 136 करोड़ की लागत से हाजीपुर, बिदुपुर, देसरी एवं सहदेई प्रखंड के लगभग 80 गांवों में आर्सेनिक मुक्त पानी उपलब्ध कराने की योजना है.
हाजीपुर शहर में भी है पानी का संकट : हाजीपुर नगर क्षेत्र में आठ नये जलापूर्ति केंद्र स्थापित होने के बाद भी आधी से अधिक आबादी पेयजल की समस्या से जूझ रही है. नगर में चार पुराने और आठ नये सहित कुल 12 जलापूर्ति केंद्र हैं.
इनमें एक नया जलापूर्ति केंद्र, जो छोटी युसुफपुर में स्थापित हुआ, उसका बोरिंग ट्रायल के दौरान ही फेल कर गया. तभी से वह बंद पड़ा है. बाकी जो चालू हैं, उन केंद्रों से भी मोहल्लों के अंदर पानी नहीं पहुंच रहा. इसलिए कि मोहल्लों तक ब्रांच पाइप ही नहीं बिछाया जा सका है.
क्या कहते हैं अधिकारी
बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना का काम प्रगति पर है. यह पूरा होने के बाद पानी की समस्या काफी हद तक दूर हो जायेगी.
इ रामचंद्र प्रसाद, कार्यपालक अभियंता पीएचइडी, हाजीपुर
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