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पिता की कोरोना से मौत पर पुत्र ने झटक लिया कंधा, अस्पताल में लिख दिया, शव ले जाने में हूं असमर्थ

Updated at : 10 Apr 2021 11:05 AM (IST)
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पिता की कोरोना से मौत पर पुत्र ने झटक लिया कंधा, अस्पताल में लिख दिया, शव ले जाने में हूं असमर्थ

कोरोना संक्रमण से मरे एक बुजुर्ग की लाश लेने से पुत्र ने इनकार कर दिया. गुरुवार को सुबह 11 बजे बुजुर्ग ने डीएमसीएच में कोरोना संक्रमण से दम तोड़ दिया था. एंबुलेंस में लाश लेकर कुछ परिजनों को देर शाम शहर के बाहर एक स्थल पर अंतिम संस्कार के लिए जाना था.

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दरभंगा. कोरोना संक्रमण से मरे एक बुजुर्ग की लाश लेने से पुत्र ने इनकार कर दिया. गुरुवार को सुबह 11 बजे बुजुर्ग ने डीएमसीएच में कोरोना संक्रमण से दम तोड़ दिया था. एंबुलेंस में लाश लेकर कुछ परिजनों को देर शाम शहर के बाहर एक स्थल पर अंतिम संस्कार के लिए जाना था. वहां उनकी सहायता के लिए कबीर सेवा संस्थान के स्वयंसेवक नवीन सिन्हा के नेतृत्व में तैयार थे. निर्धारित समय पर जब नवीन सिन्हा ने पुत्र को कॉल किया, तो उसने आने की जानकारी दी. कुछ देर बाद उसका मोबाइल ऑफ हो गया.

नवीन सिन्हा ने जब अस्पताल में कॉल किया तो बताया गया कि पुत्र ने लिख कर दे दिया कि वह शव ले जाने में असमर्थ है और वहां से निकल गया. शव के अंतिम संस्कार में सहयोग करने की तैयारी कर चुके स्वयंसेवक इसके बाद शमशानघाट से वापस हो गये. बता दें कि परिजन को शव के साथ श्मशान घाट जाना था. वहां कबीर सेवा संस्थान के स्वयंसेवक उनकी सहायता के लिए तैयार थे.

परिवार में एक पुत्र को छोड़ सभी संक्रमित

मृतक रेलवे से रिटायर थे. परिवार में पत्नी व तीन पुत्र हैं. परिजनों में एक को छोड़ सभी कोरोना पॉजिटिव हैं. एक मात्र निगेटिव बेटा भी शव छोड़ कर फरार हो गया. मामला कमतौल थाना का था. उसकी मौत गुरुवार की सुबह 11.15 बजे हो गयी थी. अस्पताल सूत्रों के अनुसार स्वास्थ्य कर्मियों ने पुत्र को शव के अंतिम संस्कार के लिये रोकना चाहा. पुत्र किसी भी स्थिति में पिता के दाह संस्कार में शामिल नहीं होना चाहता था. आखिरकार उसने अस्पताल को लिखित दे दिया कि उसके पास कोई नहीं है. वह लाश ले जाने में असमर्थ है.

इसके बाद पिता का शव छोड़ पुत्र चुपके से अस्पताल से भाग निकला. लाश को अस्पताल में ही डीप फ्रीजर में रखवा दिया गया. सदर एसडीओ राकेश कुमार ने शव को शुक्रवार को रात में अंतिम संस्कार कराये जाने की बात कही. कबीर सेवा संस्थान के संरक्षक नवीन सिन्हा ने संस्थान के मो उमर, दीपक कुमार, सुरेंद्र महतो व रंजीत के साथ शव का शुक्रवार को देर रात नौ बजे अंतिम संस्कार कर दिया. बताया जाता है कि परिवार दिल्ली में रहता था. एक सदस्य कोरोना संक्रमित हो गया. उसे वहीं भर्ती कराया गया.

बाद में एक बोलेरो लेकर वहां से परिवार के अन्य सदस्य वहां से निकल भागे. इसकी जानकारी जिला प्रशासन ने स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों को दी. स्वास्थ्य कर्मी वहां पहुंचकर सभी सात लोगों की कोरोना जांच की. इसमें से 65 साल के बुजुर्ग की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आयी. उसे पांच अप्रैल को डीएमसीएच के कोरोना वार्ड में भर्ती कराया गया. इलाज के क्रम में गुरुवार को बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया. इस बाबत जब पुत्र से संपर्क का प्रयास किया गया तो उसका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ बता रहा था.

Posted by Ashish Jha

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