स्कूल में पढ़ाने के साथ जनगणना ड्यूटी भी करेंगे शिक्षक, बिहार सरकार ने कंफ्यूजन किया क्लियर

Published by : Preeti Dayal Updated At : 14 May 2026 12:52 PM

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स्कूल में पढ़ाती शिक्षिका की तस्वीर (सांकेतिक तस्वीर)

Census In Bihar: बिहार में घर-घर जाकर जनगणना का काम किया जा रहा है. ऐसे में शिक्षकों के बीच अलग-अलग आदेश के कारण परेशानी हो रही थी, लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से क्लियर कर दिया गया है कि सरकारी शिक्षक स्कूल में पढ़ाने के साथ-साथ जनगणना ड्यूटी भी करेंगे.

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Census In Bihar: बिहार के शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है. विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और जिला शिक्षा पदाधिकारियों को लेटर भेजकर क्लियर किया है कि जनगणना कार्यों में प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में प्रतिनियुक्त शिक्षक नियमित पढ़ाने की जिम्मेदारी भी निभायेंगे. शिक्षकों को स्कूल अवधि में पढ़ाना होगा, जबकि जनगणना से संबंधित फील्ड वर्क स्कूल समय से पहले या समाप्त होने के बाद करना होगा.

इस वजह से था कंफ्यूजन

जानकारी के मुताबिक, बिहार में जनगणना के काम को लेकर राज्य के शिक्षकों के बीच पिछले कई दिनों से कंफ्यूजन की स्थिति थी. कई जिलों में जनगणना के काम में लगे शिक्षकों को सुबह 9:30 बजे तक स्कूल में पढ़ाने का निर्देश मिला था, जबकि कुछ जिलों में जिला पदाधिकारियों की ओर से कहा गया था कि जनगणना ड्यूटी में लगे शिक्षक केवल जनगणना का काम ही करेंगे.

इस तरह से अलग-अलग जिलों में अलग व्यवस्था लागू होने से शिक्षकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी. अब शिक्षा विभाग ने इस मामले में स्पष्ट आदेश जारी कर पूरे राज्य के लिए एक समान व्यवस्था लागू कर दी है. इसके साथ ही कंफ्यूजन दूर कर दिया गया है.

मामले में विभाग की ओर से क्या दी गई जानकारी?

विभाग ने कहा है कि जिलों में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज करने और ड्यूटी को लेकर अलग-अलग निर्देश जारी किए जा रहे थे. इसी कारण पूरे राज्य के लिए स्पष्ट और एकरूप दिशा-निर्देश जारी करने की जरूरत पड़ी. लेटर में केंद्र सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो के हवाले से यह भी कहा गया है कि जनगणना के काम में लगे शिक्षक अपनी नियमित सरकारी जिम्मेदारियों के अतिरिक्त यह काम करेंगे. यानी जनगणना ड्यूटी को अध्यापन कार्य का विकल्प नहीं माना जाएगा.

31 मई तक अनिवार्य ट्रेनिंग से छुटकारा

शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट कहा है कि किसी भी स्थिति में स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए. विभाग का मानना है कि इससे एक तरफ जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य समय पर पूरे होंगे, जबकि दूसरी ओर छात्रों की पढ़ाई भी नियमित रूप से चलती रहेगी. इसके साथ ही विभाग ने यह भी निर्णय लिया है कि जनगणना कार्य में लगे शिक्षकों को 31 मई तक अनिवार्य प्रशिक्षण संबंधी दायित्वों से मुक्त रखा जायेगा, ताकि वे अतिरिक्त कार्यभार को बेहतर तरीके से संभाल सकें.

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प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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