सुपौल में 106 नवाचारी शिक्षकों को किया गया सम्मानित

Published by : Shruti Kumari Updated At : 27 May 2026 9:40 AM

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नवाचारी शिक्षकों को सम्मानित करते डीएम व अन्य अधिकारी

Supaul news: समारोह का उद्घाटन जिला पदाधिकारी सावन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह, डायट प्राचार्य अखलाक खां समेत अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

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कटैया-निर्मली (सुपौल) से इंद्रभूषण कुमार की रिपोर्ट:

Supaul news: सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड स्थित डायट सेंटर बसहा परिसर में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर और नवाचारी कार्य करने वाले शिक्षकों के सम्मान में भव्य समारोह का आयोजन किया गया. “द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स” के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के 106 नवाचारी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया.

समारोह का उद्घाटन जिला पदाधिकारी सावन कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह, डायट प्राचार्य अखलाक खां समेत अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम सावन कुमार ने कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि समाज को नई दिशा देने का भी काम करते हैं. उन्होंने कहा कि आज के समय में नवाचार आधारित शिक्षा की काफी जरूरत है और ऐसे शिक्षक समाज के लिए प्रेरणा हैं, जो विद्यालयों में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं.

जिला शिक्षा पदाधिकारी संग्राम सिंह ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के शिक्षक सीमित संसाधनों में भी बेहतर और रचनात्मक कार्य कर रहे हैं. उनके प्रयासों से बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि और आत्मविश्वास बढ़ रहा है.

डायट प्राचार्य अखलाक खां ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की असली ताकत शिक्षक ही होते हैं. जब शिक्षक नई सोच और तकनीकों को अपनाते हैं तो उसका सकारात्मक असर बच्चों की पढ़ाई पर दिखाई देता है.

समारोह में उर्दू प्राथमिक विद्यालय बालू टोला सुपौल की शिक्षिका अर्चना कुमारी को भी सम्मानित किया गया. अर्चना कुमारी इससे पहले भी अपनी नवाचारी शिक्षण पद्धति को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं. वर्ष 2024 में शिक्षक दिवस पर उन्हें जिला प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया था, जबकि दिसंबर 2025 में शिक्षा विभाग बिहार की ओर से “टीचर ऑफ द मंथ” का प्रशस्ति पत्र भी दिया गया था.

अर्चना कुमारी सीमित संसाधनों से शिक्षण सामग्री तैयार कर बच्चों को प्रयोगात्मक और आसान तरीके से पढ़ाती हैं. उनके इस प्रयास से बच्चों की पढ़ाई अधिक रुचिकर और व्यवहारिक बन रही है.

सम्मान मिलने पर अर्चना कुमारी ने छात्रों, शिक्षकों और जिला प्रशासन का आभार जताया. उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए नई जिम्मेदारी और प्रेरणा लेकर आया है.

समारोह में मौजूद लोगों ने सभी 106 शिक्षकों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया.

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