सुपौल के जनजातीय बस्तियों में पहुंचे आयोग के उपाध्यक्ष सुरेंद्र उरांव, लोगों से किया सीधा संवाद

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 05 Jun 2026 12:00 PM

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सुरेंद्र उरांव ने अपने दो दिवसीय सुपौल दौरे पर

Supaul News: सुपौल दौरे पर जनजातीय समुदाय की समस्याएं सुनीं, कहा- हर पात्र लाभुक तक समय पर पहुंचे सरकारी योजनाओं का लाभ

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सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट

Supaul News: राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष सुरेंद्र उरांव ने अपने दो दिवसीय सुपौल दौरे के दौरान जनजाति बहुल गांवों का दौरा कर लोगों की समस्याएं सुनीं और सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनजातीय समुदाय से जुड़े पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए. दौरे के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी जरूरतों और शिकायतों की जानकारी ली.

जनजातीय गांवों में पहुंचकर जाना लोगों का हाल

सुपौल पहुंचने पर जिला अतिथि गृह में जिला कल्याण पदाधिकारी राम कृपाल प्रसाद ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया. इसके बाद आयोग के उपाध्यक्ष छातापुर प्रखंड के जनजाति बहुल ग्राम पंचायत भीमपुर के वार्ड संख्या 07 और ग्राम पंचायत लक्ष्मीनिया के कालिकापुर वार्ड संख्या 09 पहुंचे.

यहां उरांव जनजाति के लोगों ने पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया. भ्रमण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर शिक्षा, आवास, राशन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों की जानकारी प्राप्त की. ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को उनके समक्ष रखा.

शिकायतों के त्वरित समाधान का दिया निर्देश

ग्रामीणों से मिले फीडबैक के आधार पर सुरेंद्र उरांव ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए नियमित निगरानी करें.

समीक्षा बैठक में कई विभागों की योजनाओं की जांच

गांवों के भ्रमण के बाद जिला अतिथि गृह के सभागार में जनजातीय कल्याण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, आपूर्ति विभाग, कल्याण विभाग, समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) तथा अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई.

बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी निर्मली, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी छातापुर और थानाध्यक्ष छातापुर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे.

जनजातीय विकास सरकार की प्राथमिकता

समीक्षा बैठक के दौरान आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि जनजातीय समुदाय के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार लगातार काम कर रही है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का प्रभाव धरातल पर दिखाई देना चाहिए और पात्र लाभुकों को बिना किसी देरी के लाभ मिलना चाहिए.

उन्होंने जोर देकर कहा कि जनजातीय समाज के अधिकारों की रक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए प्रशासनिक स्तर पर संवेदनशीलता, जवाबदेही और सक्रियता बेहद जरूरी है.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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