स्कूलों में शुरू हुआ फाइलेरिया जांच अभियान

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स्कूलों में शुरू हुआ फाइलेरिया जांच अभियान

फाइलेरिया जांच अभियान के दौरान बच्चों की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी

Supaul news: कार्यक्रम की शुरुआत के मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आनंद कुमार सिंह ने बताया कि टेस-1 सर्वे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में फाइलेरिया संक्रमण के प्रसार की स्थिति का आकलन करना और उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभाव का मूल्यांकन करना है. उन्होंने कहा कि जांच से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी.

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Supaul news: प्रतापगंज (सुपौल) से सरोज कुमार महतो की रिपोर्ट:

सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी बनाने के लिए टेस-1 ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे की शुरुआत की गई है. अभियान के तहत प्रखंड के चिन्हित सरकारी एवं निजी विद्यालयों में 6 से 7 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की जांच की जा रही है.

कार्यक्रम की शुरुआत के मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. आनंद कुमार सिंह ने बताया कि टेस-1 सर्वे का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में फाइलेरिया संक्रमण के प्रसार की स्थिति का आकलन करना और उन्मूलन कार्यक्रम के प्रभाव का मूल्यांकन करना है. उन्होंने कहा कि जांच से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी.

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. ललित कुमार ने बताया कि फाइलेरिया, जिसे आमतौर पर हाथीपांव कहा जाता है, एक गंभीर संक्रामक बीमारी है. यह बीमारी क्यूलेक्स मच्छरों के काटने से फैलती है. संक्रमित मच्छर के जरिए वाउचेरिया बैनक्रॉफ्टी नामक परजीवी शरीर में प्रवेश कर लिंफेटिक सिस्टम को प्रभावित करता है.

उन्होंने बताया कि इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में हाथ, पैर और पुरुषों के अंडकोष में सूजन, लगातार बुखार, कंपकंपी तथा त्वचा का मोटा और सख्त होना शामिल है. समय पर जांच और जागरूकता से इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है.

गुरुवार को जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. दीप नारायण ने प्रतापगंज पहुंचकर ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे का निरीक्षण किया. उन्होंने लैब तकनीशियन और प्रशिक्षित एएनएम को जांच कार्य पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ करने का निर्देश दिया.

डॉ. दीप नारायण ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को सामूहिक प्रयास से ही हासिल किया जा सकता है. इसके लिए समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाना बेहद जरूरी है.

मौके पर बीएचएम सुजीत पंकज, बीसीएम प्रफुल्ल प्रियदर्शी, लैब टेक्नीशियन विजय कुमार, एएनएम ममता कुमारी, तन्नू कुमारी, मनीषा कुमारी, सोनी कुमारी, प्रवीण कुमार एवं डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि मौजूद थे.

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Shruti Kumari

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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। अपने समाचार पोर्टल पर कार्य करते हुए उन्होंने समाचार लेखन और डिजिटल कंटेंट निर्माण में अनुभव हासिल किया। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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