सुपौल में लंबित नीलाम पत्र वादों पर डीएम सख्त, राजस्व वसूली बनी टॉप प्रायोरिटी

Published by : Pratyush Prashant Updated At : 07 Jun 2026 10:36 AM

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सुपौल के डीऎम समीक्षा बैठक करते हुए

Supaul News: सुपौल जिले में वर्षों से लंबित नीलाम पत्र वाद अब अधिकारियों की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर हैं. डीएम ने साफ संदेश दिया है कि राजस्व वसूली से जुड़े मामलों में अब किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

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सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट.

Supaul News: जिले में लंबित नीलाम पत्र वादों के निष्पादन और राजस्व वसूली को गति देने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है. शनिवार को जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई. बैठक के दौरान डीएम ने सभी नीलाम पत्र पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि बकाया राशि की वसूली और लंबित वादों के निष्पादन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि राजस्व वसूली के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी.

लंबित मामलों पर प्रशासन की पैनी नजर

समीक्षा बैठक में मुख्यालय क्षेत्र के सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे, जबकि अन्य पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया. इस दौरान लंबित नीलाम पत्र वादों की अद्यतन स्थिति और वसूली की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई.

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन मामलों में वसूली लंबित है, उनमें कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तेज की जाए ताकि अधिक से अधिक मामलों का शीघ्र निष्पादन हो सके.

पीडीआर एक्ट के तहत कार्रवाई तेज करने का निर्देश

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बिहार एवं उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम (पीडीआर एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत लंबित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि धारा 7, 9 और 10 के तहत आवश्यक कार्रवाई में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए.

साथ ही चेतावनी नोटिस जारी होने के बाद जरूरत पड़ने पर बॉडी वारंट और डिस्ट्रेस वारंट की कार्रवाई भी सुनिश्चित करने को कहा गया.

थाना स्तर पर भी बढ़ेगी सक्रियता

डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वारंट जारी होने के बाद संबंधित थानों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन कराया जाए. उनका कहना था कि प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर बेहतर तालमेल से राजस्व वसूली की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बन सकती है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि वसूली अभियान की सफलता के लिए सभी विभागों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी.

लक्ष्य पूरा करने पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में आगामी रणनीति पर भी चर्चा की गई. जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि लंबित वादों के निष्पादन में तेजी लाकर सरकारी राजस्व की वसूली बढ़ाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है.

प्रशासन की इस सख्ती के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जिले में लंबित नीलाम पत्र वादों के निष्पादन और राजस्व वसूली अभियान में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिल सकती है.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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