Bihar News: 1982 में निर्मित अस्पताल में अब रखा जाने लगा जलावन, कागजों पर ही होता है अब सारा इलाज, जानें हकीकत...

पिपरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत रामनगर पंचायत स्थित कौशलीपट्टी वार्ड नंबर चार में लाखों की लागत से निर्मित स्वास्थ्य उप केंद्र मरीज की जगह जलावन रखने के काम में आ रही है. कौशलीपट्टी के बुद्धिजीवी जगदीश यादव ने बताया कि वर्ष 1982 में निर्मित इस स्वास्थ्य उप केंद्र से आज तक यहां की जनता को चिकित्सीय सेवा नसीब नहीं हुई है. लेकिन कागज पर सुचारु रूप से चल रही है.
पिपरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत रामनगर पंचायत स्थित कौशलीपट्टी वार्ड नंबर चार में लाखों की लागत से निर्मित स्वास्थ्य उप केंद्र मरीज की जगह जलावन रखने के काम में आ रही है. कौशलीपट्टी के बुद्धिजीवी जगदीश यादव ने बताया कि वर्ष 1982 में निर्मित इस स्वास्थ्य उप केंद्र से आज तक यहां की जनता को चिकित्सीय सेवा नसीब नहीं हुई है. लेकिन कागज पर सुचारु रूप से चल रही है.
विगत 38 वर्षों से यहां के लोग इस सुविधा का इंतजार कर रहे हैं. लेकिन स्वास्थ्य उप केंद्र को देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि व्यवस्था के डंक से कराह रही इस भवन को ही इलाज की जरूरत है. इस संबंध में ग्रामीण राजेश यादव, अरुण यादव, नुनु यादव, विनोद यादव, शत्रुघ्न मंडल, शंकर यादव, संतोष यादव, मदन यादव, प्रदीप यादव आदि ने बताया कि वे लोग जिला पदाधिकारी, सिविल सर्जन से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों से इसे चालू कराने की मांग करके थक गये. लेकिन कोई फरियाद काम नहीं आया.
सड़क किनारे अवस्थित इस स्वास्थ्य उप केंद्र का दीदार आते-जाते जिला के सभी आला अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधियों को होता है. फिर भी इसके हालात सुधारने को लेकर आज तक किसी की भी नजरें इनायत नहीं हुई. जिस कारण यहां के लोगों को सामान्य बीमारी में भी इलाज पाने की लिए 18 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है. इस बाबत पिपरा पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी जयप्रकाश शाह से संपर्क करने की कोशिश की गयी. लेकिन बात नहीं हो पायी. बिहार के अस्पतालो का बुरा हाल अब रखा जाने लगा जलावन तथा Latest News in Hindi से अपडेट के लिए बने रहें।
POSTED BY: Thakur Shaktilochan
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