तीन एकड़ में बनेगा न्यायमंडल व परिवार न्यायालय पदाधिकारी का भवन, अधिसूचना जारी

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 04 Jan 2025 6:02 PM

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सरकार के प्रभारी सचिव के आदेश पर यह पहल शुरू कर दी गयी है

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प्रभात खास

– खरैल मौजा के नौ खेसरा में जमीन चिह्नित- सुरक्षा व यातायात के दृष्टिकोण से उपयोगी मानी जा रही जगह सुपौल. नगर परिषद स्थित खरैल मौजा में न्यायमंडल एवं परिवार न्यायालय पदाधिकारी के लिए आवास का निर्माण कराया जायेगा. आवास निर्माण को भूमि अधिग्रहण को लेकर सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (एसआईए) अधिसूचना जारी कर दी गयी है. अब जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरू की जायेगी. तीन एकड़ में आवास निर्माण को लेकर 09 खेसरा को चिह्नित किया गया है. जानकारी के अनुसार सरकार के प्रभारी सचिव के आदेश पर यह पहल शुरू कर दी गयी है. सुरक्षा व यातायात के दृष्टिकोण से उक्त जगह काफी उपयोगी मानी जा रही है. फिलहाल न्यायाधीशों के लिए सिविल कोर्ट के पास ही वर्षों पुराना भवन है, वहीं जिला एवं सत्र न्यायाधीश का आवासीय परिसर कोसी कॉलोनी में है.

जजेज कॉलोनी के लिए जमीन चिह्नित

जजों के लिए आवास निर्माण को लेकर खरैल मौजा में तीन एकड़ जमीन चिह्नित कर विभाग को प्रस्ताव भेज दिया गया है. 09 खेसरा में कुल तीन एकड़ जमीन चिह्नित किये गये हैं.

बारिश के समय होती है परेशानी

बारिश के मौसम में जजेज कॉलोनी में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण जल जमाव हो जाने से न्यायिक पदाधिकारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. अत्यधिक बारिश के बाद तो मानों यह कॉलोनी झील में तब्दील हो जाता है. हालात ऐसे उत्पन्न हो जाते हैं कि कॉलोनी से पानी निकालने के लिए पंप सेट का सहारा लेना पड़ता है. ऐसी स्थिति में उक्त नये जगह पर जजेज कॉलोनी बन जाने से न्यायिक पदाधिकारियों आवास का समुचित लाभ मिलेगा.

भू-माफिया की पड़ी नजर, तो जमीन की बढ़ी कीमत

न्यायाधीश व न्यायालय कर्मी के लिए आवास का निर्माण की सुगबुगाहट शुरू होते ही औने-पौने दामों में बिकने वाली जमीन की कीमत अचानक सी बढ़ गयी है. अवैध रूप से जमीन का कारोबार करने वाले लोग काफी खुश नजर आ रहे हैं. भू-माफिया निबंधन विभाग से निर्धारित शुल्क को ताक पर रख जरूरतमंदों से मुंहमांगी रकम मांग कर रहे हैं. सक्षम व्यक्ति तो किसी तरह हिम्मत कर हामी भर दे रहे हैं. वहीं कमजोर तबके के लोग जमीन का दाम सुन मायूस हो लौट जा रहे हैं.

रैयती भूमि अर्जित करने में लगभग 13 करोड़ रुपये होंगे खर्च

सरकार के सचिव ने डीएम को पत्र भेजकर न्यायमंडल एवं परिवार न्यायालय के पदाधिकारियों के आवास निर्माण के निमित तीन एकड़ रैयती भूमि अर्जन में व्यय के लिए कुल 12 करोड़ 66 लाख 98 हजार 250 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति विभागीय स्वीकृत्यादेश द्वारा दी गयी है.

विधि विभाग को भेजी गयी सहमति

एडीएम रसीद कलीम अंसारी ने बताया कि न्यायालय कर्मी के आवास निर्माण को लेकर खरैल मौजा में तीन एकड़ जमीन का अधिसूचना जारी कर दी गयी है. स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्यवाही की जायेगी.

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