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अगर देश को आगे जाना है तो नशे से मुक्त होना होगा : नीतीश कुमार

Updated at : 15 Dec 2016 2:58 PM (IST)
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अगर देश को आगे जाना है तो नशे से मुक्त होना होगा : नीतीश कुमार

सुपौल : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि अगर देश को आगे जाना है तो नशा से मुक्त होना होगा. अपनी निश्चय यात्रा के क्रम मेंगुरुवारको सुपौल जिला के गांधी मैदान में आयोजित चेतना सभा को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि अगर देश को आगे जाना है तो नशा से […]

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सुपौल : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कहा कि अगर देश को आगे जाना है तो नशा से मुक्त होना होगा. अपनी निश्चय यात्रा के क्रम मेंगुरुवारको सुपौल जिला के गांधी मैदान में आयोजित चेतना सभा को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि अगर देश को आगे जाना है तो नशा से मुक्त होना होगा. उन्होंने कहा कि चीन अफीम छोड़कर आज आगे बढ़ गया है. इसको सब लोगों को सोचना एवं समझना होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बड़ा सामाजिक बदलाव का कार्य शराबबंदी का हुआ है. शराबबंदी से काफी फायदा हुआ है. उन्होंने कहा कि गत अप्रैल से शराबबंदी के पश्चात बिहार में अपराध के आंकड़ों में कमी आयी है. हत्या में 24 प्रतिशत, डकैती में 26 प्रतिशत, लूट में 16 प्रतिशत, फिरौती एवं अपहरण में 48 प्रतिशत, दंगा में 37 प्रतिशत और सड़क दुर्घटना में 19 प्रतिशत की कमी आयी है.

सीएमनीतीश ने कहा कि बिहार को बदनाम किया जाता है. एक-दो आपराधिक घटनाओं को लेकर बिहार को बदनाम किया जाता है. बिहार में कानून का राज है. अगर जनसंख्या के अनुरुप अपराध का प्रतिशत देखे तो बिहार का 22वां नंबर है और दिल्ली का पहला है. उन्होंने कहा कि बिहार में प्रेम और सदभाव का माहौल है. बिहार में बुनियादी काम हो रहा है, इसको सुशासन कहते हैं.

युवाओं में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के कार्यक्रमों की शुरुआत की गयी है: नीतीश
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गरीबी और संस्थानों की कमी के कारण प्रदेश के 13 प्रतिशत युवाओं के उच्च शिक्षा प्राप्त कर पाने पर दुख व्यक्त करते हुए आज कहा कि उनकी सरकार ने इस आंकड़े को 35-40 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए कई लाभकारी कार्यक्रमों की शुरुआत की है.

अपनी निश्चय यात्रा के क्रम में सुपौल में आज एक ‘जनचेतना सभा’ को संबोधित करते हुए नीतीश ने कहा कि सचमुच यह चिंता की बात है कि युवा जो बिहार की एक बड़ी आबादी का हिस्सा है. 12वीं कक्षा के बाद अपनी पढाई को जारी रख पाने में समक्षम नहीं और केवल 13 प्रतिशत ही आगे की शिक्षा जारी रख पाते हैं.

उन्होंने वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव एवं चंद्र्रशेखर तथा प्रदेश में सत्ताधारी जदयू, राजद और कांग्रेस के जिला प्रमुखों की उपस्थिति में कहा कि राज्य सरकार ने इस आंकड़े को 35-40 प्रतिशत तक पहुंचाने के लिए सात निश्चय कार्यक्रम के तहत कई कार्यक्रमों की शुरुआत की है.

नीतीश ने इसके पीछे शिक्षण संस्थानों की कमी और गरीबी को बड़ा कारण बताया और कहा कि शिक्षण संस्थान की कमी से निपटने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के हर जिले में इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, महिला आईटीआई, पारामेडिकल संस्थान एवं एएनएम कालेज की स्थापना का निर्णय लिया है.

नीतीश ने कहा कि सात निश्चय कार्यक्रम के तहत नयी पीढी को शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर प्रदान करते हुए सक्षम बनाने के लिए आर्थिक हल, युवाओं को बल समेकित कार्य योजना तैयार किया गया है. उन्होंने बताया कि इस समेकित कार्य योजना के 5 घटक हैं जिसमें बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना, कुशल युवा कार्यक्रम 500 करोड रुपये का वेंचर कैपिटल फंड तथा राज्य के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों एवं कालेजों में निशुल्क वाई-फाई की व्यवस्था किया जाना शामिल है.

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