मौत पर परिजनों ने उठाये सवाल

Updated at :01 Dec 2016 6:17 AM
विज्ञापन
मौत पर परिजनों ने उठाये सवाल

आरोप. कैदी मामले को लेकर प्रशासनिक महकमे में चर्चाओं का दौर जारी पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर परिजनों को समझाते थानाध्यक्ष (ऊपर) घटना के बाद तफसीस में जुटी पुलिस (नीचे). फोटो। प्रभात खबर बुधवार की सुबह मो कलीम की मौत के बाद जब अधिकारी जेल परिसर में घटना की जांच कर रहे थे, तो जेल के […]

विज्ञापन

आरोप. कैदी मामले को लेकर प्रशासनिक महकमे में चर्चाओं का दौर जारी

पोस्टमार्टम कक्ष के बाहर परिजनों को समझाते थानाध्यक्ष (ऊपर) घटना के बाद तफसीस में जुटी पुलिस (नीचे). फोटो। प्रभात खबर
बुधवार की सुबह मो कलीम की मौत के बाद जब अधिकारी जेल परिसर में घटना की जांच कर रहे थे, तो जेल के कई वार्डों में बंद कई कैदी जेल प्रशासन पर लगा रहे थे हत्या का आरोप.
सुपौल : मंडल कारा के विशेष सेल में बुधवार की सुबह हत्या के मामले में बंद विचाराधीन कैदी मो कलीम की मौत को लेकर प्रशासनिक हल्कों में चर्चाओं का दौर जारी है. खास कर घटना स्थल विशेष सेल की स्थिति को लेकर आत्महत्या की इस प्राथमिकी को संदेहास्पद माना जा रहा है. सदर एसडीपीओ वीणा कुमारी ने मंडल कारा से घटना की छानबीन कर निकलने के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि विशेष सेल के फर्श और छत के बीच करीब 12 फीट का डिस्टेंस है
और छत में लगे लोहे के रड तक पहुंचना काफी मुश्किल है. वहीं जेल में तैनात होमगार्ड के एक सिपाही ने नाम नहीं छापने के शर्त पर बताया कि सेल के अंदर छत तक पहुंचने के लिए कोई साधन नहीं है. इस बात को लेकर परिजन सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कैसे कई दिनों से मारपीट कर विशेष सेल में बंद कर रखे गये मो कलीम छत में लगे रड में लुंगी बांधने और फिर उसमें लटकने में सफल हुआ!
वहीं परिजनों ने बताया कि जिस सेल में मो कलीम को बंद कर रखा गया था उस सेल के अगल-बगल करीब 10 से 15 फीट की दूरी पर कई वार्ड और गार्ड रूम बने हुए हैं. जिनमें बंदी और गार्ड 24 घंटे मौजूद रहते हैं. फंदा से झूलते समय आखिर चीखने-चिल्लाने की आवाज दूसरे कैदियों और गार्डों को क्यों नहीं सुनायी दिया.परिजन फंदा बनाये गये पुरानी लुंगी को लेकर भी सवाल खड़े कर रहे हैं.
बुधवार की सुबह मो कलीम की मौत के बाद जब अधिकारी जेल परिसर में घटना की जांच कर रहे थे तो जेल के कई वार्डों में बंद कई कैदी चिल्ला-चिल्लाकर जेल प्रशासन पर कलीम की हत्या का आरोप लगा रहे थे. इस दौरान जेल प्रशासन द्वारा ऐहतियातन सभी बंदियों को नये वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था. महज कुछ खास कैदी ही पुराने वार्ड से जेल गेट तक चहलकदमी कर रहे थे.
जिले के मरौना थाना क्षेत्र के सिसौनी गांव निवासी मो कारी का 35 वर्षीय पुत्र मो कलीम उर्फ भोल्टू अपनी सास नजमा खातुन की हत्या के आरोप में मंडल कारा में बंद था. इस हत्याकांड को लेकर मरौना थाना में मो कलीम के विरुद्ध कांड संख्या 61/16 दर्ज है. बुधवार को कलीम के मौत की सूचना पर पहुंचे उसके छोटे भाई मो सलीम और मो शब्बीर ने बताया कि कलीम की पहली शादी मधुबनी जिले के अंधरामठ थाना क्षेत्र स्थित दुधैला गांव निवासी मो युनूस की पुत्री फातिमा से हुई थी. इस शादी से उसे एक पुत्री की प्राप्ति भी हुई.
उसके बाद फातिमा दोबारा मां नहीं बन पायी. वहीं कलीम ने मधेपुरा जिले के गम्हरिया गांव की एक विधवा से दूसरी शादी रचा लिया. इस शादी से नाराज फातिमा एवं उसकी मां के द्वारा मो कलीम के विरुद्ध दहेज के लिए घर से निकालने और पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी रचाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. परिजनों ने बताया कि थाना में दर्ज केस के भय से कलीम ने पहली पत्नी से सुलह कर लिया और दूसरी पत्नी को छोड़ दिया. लेकिन इस बात से फातिमा की मां नजमा खातुन नाराज चल रही थी.
इसी बात को लेकर हुए विवाद में कलीम ने धारदार हथियार से गला रेत कर अपनी सास की हत्या कर दिया. जिसके बाद पुलिस ने कलीम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
प्रभात साइड स्टोरी
दोबारा गिरफ्तारी के बाद प्रताड़ना का शिकार हुआ कलीम
विचाराधीन कैदी मो कलीम की मौत को जहां जेल प्रशासन आत्महत्या मान रही है.वहीं कलीम की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गयी है. कलीम के ग्रामीण मो सिद्दीकी, नूर आलम, मो जमाल सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि जेल में तैनात होमगार्ड का एक जवान कलीम की सूचना उसके परिजनों तक पहुंचाया करता था. वह कई बार परिजनों से राशि लेकर कलीम को पहुंचाया भी करता था. हालांकि इस एवज में उसे सर्विस टेक्स भी मिल जाया करता था.
परिजनों ने बताया कि जेल से भागने के बाद तत्कालीन जेलर सहित जेल के अन्य कई कर्मियों पर लापरवाही बरतने के आरोप में कार्रवाई हुई थी. इसी बात को लेकर जेल के सभी कर्मी उससे खार खाये हुए थे और उसके पुन: जेल पहुंचने के बाद उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाने लगा. परिजनों ने बताया कि उसे रेगुलर तौर पर विशेष सेल में अकेले बांध कर रखा जाता था. परिजनों ने आरोप लगाया कि इसी प्रताड़ना के कारण कलीम की मौत हुई है.
ससुर की हत्या के लिए हुआ था जेल से फरार : अपनी सास की हत्या के आरोप में बंद मो कलीम गत आठ अक्तूबर को मंडल कारा सुपौल की ऊंची दीवार को फांद कर दर्जनों सुरक्षा कर्मियों के बीच से फरार होने में कामयाब रहा था. हालांकि महज पांच दिनों के बाद ही सुपौल पुलिस कलीम को पुन: उसके ससुराल दुधैला गांव से गिरफ्तार करने में कामयाब रही थी. लेकिन दोबारा गिरफ्तारी के बाद कलीम ने पुलिस के समक्ष जो बयान दिया उससे पुलिस अधिकारी भी दंग रह गये.
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूछताछ के दौरान कलीम ने पुलिस को बताया कि वह अपने ससुर मो युनूस की हत्या करने के उद्देश्य से ही जेल से फरार हुआ था. कलीम ने पुलिस को बताया कि ससुर की हत्या के बाद वह पुन: पुलिस के समक्ष उपस्थित हो जाता. लेकिन हत्या से पूर्व ही पुलिस द्वारा उसे गिरफ्तार कर लिया. इस वजह से वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सका.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन