समाज के आखिरी व्यक्ति को मिले न्याय

Updated at :27 Nov 2016 3:40 AM
विज्ञापन
समाज के आखिरी व्यक्ति को मिले न्याय

संविधान दिवस. न्यायिक पदाधिकारी एवं कर्मियों ने किया संविधान के उद्देशिका का पाठ स्थानीय व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को जिला जज चंद्रशेखर प्रधान के नेतृत्व में द्वितीय संविधान दिवस मनाया गया. सुपौल : उच्च न्यायालय के द्वारा जारी निर्देश के आलोक में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में एकत्रित सभी न्यायिक पदाधिकारी […]

विज्ञापन

संविधान दिवस. न्यायिक पदाधिकारी एवं कर्मियों ने किया संविधान के उद्देशिका का पाठ

स्थानीय व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को जिला जज चंद्रशेखर प्रधान के नेतृत्व में द्वितीय संविधान दिवस मनाया गया.
सुपौल : उच्च न्यायालय के द्वारा जारी निर्देश के आलोक में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में एकत्रित सभी न्यायिक पदाधिकारी एवं कर्मियों ने भारतीय संविधान के उद्देशिका का पाठ किया. जिसके तहत उन्होंने कहा कि वे भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी पंथ निरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिये तथा देश के समस्त नागरिकों को सामाजिक,
आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास,धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिये एवं उन सब में व्यक्ति की गरिमा तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित करने वाली बंधुता बढ़ाने के लिये दृढ़ संकल्पित होकर संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं.
मौके पर जिला न्यायाधीश श्री प्रधान ने भारतीय संविधान एवं इसके महत्व पर प्रकाश डाला. साथ ही उपस्थित जनों को संविधान दिवस की शुभकामनाएं भी दी. इस अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय आलोक राज, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश लल्लन लाल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सारंगधर उपाध्याय, अवर न्यायाधीश तृतीय आशुतोष राय, अवर न्यायाधीश चतुर्थ सुनील कुमार सिंह, अवर न्यायाधीश पंचम विजय कुमार सिंह, अनुमंडल न्याययिक दंडाधिकारी प्रह्लाद कुमार, मुंसिफ ज्योति कुमार कष्यप, न्यायिक दंडाधिकारी कुमार कृष्ण देव एवं अन्य न्यायालय कर्मी उपस्थित थे.
26 नवंबर को अपनाया गया था भारतीय संविधान
संविधान दिवस मनाने की परंपरा बीते वर्ष 2015 में शुरू हुआ था. यह वर्ष संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेदकर के जन्म के 125वीं वर्ष के रूप में मनाया गया था. ज्ञात हो कि 15 अगस्त 1947 को भारत की आजादी के बाद 19 अगस्त 1947 को भारत के संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति की स्थापना की गयी. संविधान सभा में संविधान को प्रस्तुत करने के बाद इसे पारित करने में 02 वर्ष 11 महीने और 17 दिन का समय लगा.
26 नवंबर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा इस संविधान को अपनाया गया. संविधान सभा के 284 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को दस्तावेज पर हस्ताक्षर किये. 26 जनवरी 1950 को इसे देश में एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया. यही वजह है कि 26 नवंबर को दिन संविधान के महत्व का प्रसार करने के लिये चुना गया है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन