बैंक बंद, एटीएम की व्यवस्था में नहीं हुआ सुधार

Updated at :27 Nov 2016 3:39 AM
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बैंक बंद, एटीएम की व्यवस्था में नहीं हुआ सुधार

एसबीआइ के एटीएम में लगी ग्राहकों की कतार व बंद पड़ा एचडीएफसी बैंक का एटीएम. सुपौल : केंद्र सरकार द्वारा देश में लागू किये गये नोटबंदी का असर अब तक लोगों में व्याप्त है. 500 व 1000 रुपये के पुराने नोट बंद हो जाने के बाद सरकार द्वारा पर्याप्त संख्या में नये नोट अब तक […]

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एसबीआइ के एटीएम में लगी ग्राहकों की कतार व बंद पड़ा एचडीएफसी बैंक का एटीएम.

सुपौल : केंद्र सरकार द्वारा देश में लागू किये गये नोटबंदी का असर अब तक लोगों में व्याप्त है. 500 व 1000 रुपये के पुराने नोट बंद हो जाने के बाद सरकार द्वारा पर्याप्त संख्या में नये नोट अब तक जारी नहीं किये गये हैं. जिसके वजह से बाजार में छोटे व खुदरे नोटों की कमी अब तक बरकरार है. जिसका खामियाजा आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है. खास कर 500 रुपये के नये नोट बाजार व बैंकों में उपलब्ध नहीं होने से लोगों की परेशानी और भी बढ़ रही है.
इस बीच नोटबंदी के बाद करीब 19 दिनों के बीच जिले के तकरीबन तमाम बैंक के कर्मियों द्वारा ग्राहकों की सुविधा के लिए खासी मशक्कत की गयी. देर शाम तक कर्मियों ने अपनी ड‍्यूटी निभा कर लोगों की सेवा में कोई कोर-कसर नहीं रखा. लेकिन छोटे व नये नोटों की कमी की वजह से बैंक के कर्मियों को भी लगातार फजीहत झेलनी पड़ रही है. इधर बाजार में पर्याप्त संख्या में रुपये उपलब्ध नहीं रहने की वजह से लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं बाजार का व्यवसाय भी लगातार प्रभावित हो रहा है. जिसका खामियाजा स्थानीय व्यापारियों को उठाना पड़ रहा है. छोटे नोट के किल्लत के कारण लोगों को घरेलू काम काज निपटाना भी मुश्किल हो रहा है. नोटबंदी से किसान व मजदूर वर्ग के लोग भी काफी प्रभावित हैं.
शनिवार को बंद रहे सभी बैंक : शनिवार को महीने का चौथा शनिवार होने के कारण नियम के तहत जिले के सभी बैंक बंद रहे. जिसके कारण आम नागरिकों को रुपये के लेन-देन व जमा-निकासी कार्य में परेशानी झेलनी पड़ी. गौरतलब है कि शनिवार के बाद रविवार को भी बैंक में अवकाश दिवस रहने की वजह से नोटों की समस्या से जूझ रहे लोगों की चिंता बढ़ गयी है. दरअसल नोटबंदी के बाद बैंकों द्वारा निर्धारित मात्रा में राशि का भुगतान किया जा रहा है. वहीं एटीएम से भी मनमाफिक तरीके से रुपये की निकासी नहीं हो पा रही है. नतीजतन आम लोगों में नये व छोटे नोटों की कमी बरकरार है. लगातार दो दिन बैंक बंद रहने से उनकी समस्या और भी बढ़ जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.
गांवों में ग्राहक सेवा केंद्रों पर लगी भीड़
नोटबंदी के बाद जहां आम उपभोक्ता छोटे व नये नोटों के लिए परेशान हैं. बैंक व एटीएम से मनमाफिक सेवा नहीं मिल पा रही है. इन समस्याओं के बीच जिले के ग्रामीण क्षेत्र में अवस्थित कई ग्राहक सेवा केंद्र लोगों के लिये बेहतर सेवा प्रदान कर रहे हैं. इन ग्राहक सेवा केंद्रों द्वारा ग्राहकों को रुपये का भुगतान किया जा रहा है. वहीं केंद्र पर राशि जमा भी की जा रही है.
गांव में अवस्थित इन केंद्रों पर विकट समय में उपलब्ध की जा रही सेवा से बैंक के ग्रामीण ग्राहकों को काफी राहत मिल रही है. शनिवार को भी सदर प्रखंड अंतर्गत चौघारा गांव में सेंट्रल बैंक द्वारा स्थापित ग्राहक सेवा केंद्र पर लोगों की भीड़ देखी गयी. केंद्र द्वारा उपलब्ध करायी जा रही सेवा से लोगों में हर्ष का माहौल व्याप्त था.
नोटबंदी के बाद बैंक व एटीएम केंद्रों पर ग्राहकों का भारी दबाव बना हुआ है. जिसके कारण इनकी जिम्मेदारियां भी बढ़ गयी है. लेकिन विडंबना है कि नोटबंदी के बाद अब तक सभी एटीएम का सूचारू रूप से परिचालन नहीं प्रारंभ किया जा सका है. बंदी के बाद अधिकांश एटीएम रुपये के अभाव में बंद देखे जा रहे हैं. जिससे राशि निकासी के लिए आये ग्राहकों को परेशानी हो रही है. शनिवार को बैंकों में अवकाश रहने के कारण अधिकांश ग्राहकों ने पैसे की निकासी के उद्देश्य से विभिन्न एटीएम का रूख किया, लेकिन अधिकांश एटीएम बंद पाये गये. जिसकी वजह से ग्राहकों को निराश होना पड़ा.
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