पुलिस की कार्रवाई पर उठने लगे सवाल

Updated at :23 Nov 2016 4:12 AM
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पुलिस की कार्रवाई पर उठने लगे सवाल

पुत्र शोक में बदहवास मृतक के माता पिता सहित अन्य . व्यवसायी हत्याकांड छातापुर : थाना अंतर्गत राजेश्वरी ओपी क्षेत्र के गोचर हाट के समीप रविवार की रात युवा व्यवसायी की हत्या के बाद पुलिस द्वारा की गयी कार्रवाई सवालों के घेरे में है. मामले में मृतक के भाई ने पुलिसिया कार्रवाई पर संदेह जताते […]

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पुत्र शोक में बदहवास मृतक के माता पिता सहित अन्य .

व्यवसायी हत्याकांड
छातापुर : थाना अंतर्गत राजेश्वरी ओपी क्षेत्र के गोचर हाट के समीप रविवार की रात युवा व्यवसायी की हत्या के बाद पुलिस द्वारा की गयी कार्रवाई सवालों के घेरे में है. मामले में मृतक के भाई ने पुलिसिया कार्रवाई पर संदेह जताते उनके द्वारा लिए गये फर्द बयान पर ही सवाल खड़ा कर दिया है. इस कारण हत्या का मामला उलझता नजर आ रहा है.
इसे लेकर लोगों के बीच विभिन्न प्रकार के चर्चाओं का बाजार गरम है. इधर, शव का पोस्टमार्टम होने के बाद परिजनों ने सोमवार रात्रिकाल ही उसका अंतिम संस्कार कर दिया, जबकि हिरासत में लिए गये युवक कैनजरा निवासी विकास कुमार को एकमात्र नामजद अभियुक्त बनाने के बाद पुलिस उसे जेल भेजने की तैयारी में जुट गयी है.
मामले में ओपी पुलिस के द्वारा अग्रसारित फर्द बयान पर छातापुर थाना में कांड संख्या 355/16 अंकित किया गया है. जिसमें ओपी क्षेत्र के कैनजारा निवासी विकास कुमार को एक मात्र नामजद अभियुक्त बनाया गया हैं. इधर, युवा व्यवसायी की हत्या के बाद उसके घर मातम छाया हुआ है जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
विकास को हत्यारा नहीं बताया: मृतक युवा व्यवसायी दिपेंद्र यादव के बदहवास परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर संदेह जताया है. मृतक के बड़े भाई और फर्द बयानकर्ता रूपेश कुमार व छोटा भाई व कर्ता भुपेन कुमार ने बताया कि घटना के बाद परिवार के सभी लोग सदमे में थे और फर्द बयान देने की स्थिति में नहीं थे, लेकिन घटना को लेकर पुलिस किसी से दुश्मनी रहने तथा हत्या में संलिप्त लोगों के नाम बताने का सवाल बार बार कर रही थी.
जिसमें मैंने विकास के बारे सिर्फ इतना कहा कि चार पांच माह पूर्व दुकान पर विकास से मामूली रूप से विवाद हुआ था, जो हत्या का कारण नहीं हो सकता, लेकिन पुलिस ने फर्द बयान में इस तथ्य को दावे के साथ लिख कर हत्यारों को बचाने की कोशिश की है. रूपेश ने बताया कि बदहवास अवस्था में ही ओपी पुलिस ने अग्रेतर कार्रवाई के लिए जरूरी बताकर फर्द बयान पर उसका हस्ताक्षर लेने के बाद अन्य लोगों से भी दस्तखत ले लिया.
मंगलवार को फर्द बयान की कॉपी पढ़ने के बाद जब लिखे गये तथ्यों के संदर्भ में ओपी प्रभारी से पूछा तो उन्होंने कुछ कहने से इनकार कर दिया. उसके भाई का असली हत्यारा कौन है और हत्या का कारण कारण क्या है. यह तो निष्पक्ष छानबीन से ही पता चल पायेगा, लेकिन पुलिस ने फर्द बयान में अनचाही तथ्यों को अंकित कर असली हत्यारों को बचाने की कोशिश की है. जिसकी शिकायत वे वरीय अधिकारियों से करेंगे.
घटना स्थल पर पहुंच कर मामले में आसपास के दुकानदारों का बयान दर्ज िकया हूूं. फर्द बयान के अलावा कई बिंदुओं पर पुलिस अनुसंधान कर रही है. कॉल डिटेल व वैज्ञानिक तरीके का सहयोग लिया जा रहा है. किसी भी सूरत में असली हत्यारों का पता लगा कर उसे सजा दिलवायी जायेगी.
चंद्रशेखर विद्यार्थी, त्रिवेणीगंज, डीएसपी
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