थरबिटिया - राघोपुर के बीच अब नहीं दौड़ेगी ट्रेनें
थरबिटिया – राघोपुर के बीच अब नहीं दौड़ेगी ट्रेनें फोटो -20 से 25 तक प्रतिनिधि, राघोपुरसहरसा- फारबिसगंज रेल खंड राघोपुर-थरबिटिया के बीच मंगलवार से मेगा ब्लॉक लिया गया है. इस वजह से इस रेल खंड पर अब ट्रेन नहीं चलेगी. रेल परिचालन बाधित होने के कारण क्षेत्र के लोगों को अब आवागमन में भारी कठिनाई […]
थरबिटिया – राघोपुर के बीच अब नहीं दौड़ेगी ट्रेनें फोटो -20 से 25 तक प्रतिनिधि, राघोपुरसहरसा- फारबिसगंज रेल खंड राघोपुर-थरबिटिया के बीच मंगलवार से मेगा ब्लॉक लिया गया है. इस वजह से इस रेल खंड पर अब ट्रेन नहीं चलेगी. रेल परिचालन बाधित होने के कारण क्षेत्र के लोगों को अब आवागमन में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा.सहरसा से खुलने वाली सभी रेल गाड़ियां अब थरबिटिया स्टेशन से ही वापस हो जायेगी.संसाधन के अभाव वाले इस क्षेत्र के लोगों का एक मात्र साधन रेल ही है. बड़ी रेल लाइन निर्माण के लिये लिये गये मेगा ब्लॉक को लेकर लोगों में काफी आक्रोश व्याप्त है. लोगों का कहना है कि विभाग रेल खंड के प्रति उदासीन है. राघोपुर- फारबिसगंज के बीच 31 जनवरी 2012 को ही मेगा ब्लॉक लिया गया था. जहां अब भी मंथर गति से कार्य चल रहा है और ट्रेनों का परिचालन अब तक बाधित है.ऐसे में राघोपुर-थरबिटिया के बीच मेगा ब्लॉक लिए जाने से लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा. महत्वपूर्ण स्टेशन है राघोपुर सहरसा- फारबिसगंज रेल खंड के बीच राघोपुर एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन रहा है. नेपाल सीमा से लगे रहने एवं आवागमन के अन्य संसाधनों की व्यवस्था रहने के कारण इस स्टेशन से प्रति दिन हजारों लोग यात्रा करते हैं.परिचालन बंद होने के बाद केवल आसपास के इलाके के ही नहीं बल्कि नेपाल के लोगों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा.स्थानीय हंसराज भदानी, रामू प्रसाद साह, विजय साह, छोटू भगत, किरण साह आदि ने कहा की यहां आरपीएफ एवं जीआरपी का कैंप पोस्ट है.ट्रेन परिचालन बंद होने के बाद इन्हें भी यहां से हटा लिया जायेगा.ऐसे में जहां लोगों में असुरक्षा का भावना घर करेगा, वहीं रेल की संपत्ति को भी असामाजिक तत्वों द्वारा नुकसान पहुंचाया जा सकता है.कहते हैं लोग राघोपुर स्टेशन के समीप कपड़ा का दुकान करने वाले पारस कुमार जैन कहते हैं कि ट्रेन का परिचालन बंद होने से व्यवसाय पर भी काफी असर पड़ेगा.उन्होंने बताया कि स्टेशन परिसर एवं इसके आसपास सैकड़ों लोग छोटे-मोटे व्यवसाय कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं.इससे रेलवे को भी राजस्व की प्राप्ति होती है. शिवम सिंह ने कहा कि बड़ी रेल लाइन के लिये लिया गया मेगा ब्लॉक सराहनीय कदम है.लेकिन ससमय काम पूरा कर लिया जाय इसे ध्यान में रखना आवश्यक है. उन्होंने राघोपुर- फारबिसगंज के बीच मंथर गति से जारी कार्य पर निराशा व्यक्त करते कहा कि प्रतापगंज, छातापुर, नरपतगंज आदि क्षेत्र के लोगों को विगत चार वर्षों से आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है. व्यवसायी सुनील चौधरी ने कहा कि सरकार को पहले राघोपुर- फारबिसगंज बड़ी रेल लाइन का काम पूरा करना चाहिए.करीब चार साल बीतने के बावजूद इस रेलखंड पर आधा काम भी पूरा नहीं हो पाया है.जबकि राघोपुर सबसे अधिक राजस्व देने वाला रेलवे स्टेशन है. छात्र राहुल कुमार साह ने कहा कि बस-टैक्सी चालकों की अब चांदी कटेगी और वे मनमाना किराया वसूली करेंगे.ऐसे में छात्रों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा.कहा कि अधिकांश काम के लिए लोगों को जिला मुख्यालय जाना पड़ता है. व्यवसायी मो यासीन कहते हैं कि रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल में यहां आरक्षण काउंटर खुला था.उन्होंने मेगा ब्लॉक के बावजूद इस काउंटर को चालू रखने की मांग की.
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