कोचिंग संचालक कर रहे हैं छात्रों के भवष्यि के साथ खिलवाड़ (पेज तीन का लीड)

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कोचिंग संचालक कर रहे हैं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ (पेज तीन का लीड) फोटो -03कैप्सन -कोचिंग संस्थान का लगा बोर्डप्रतिनिधि, सुपौलजिला मुख्यालय सहित जिले के अन्य भागों में इन दिनों धड़ल्ले से सैकड़ों कोचिंग संस्थान संचालित किये जा रहे हैं.विभाग द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं किये जाने का नतीजा है कि इन […]

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कोचिंग संचालक कर रहे हैं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ (पेज तीन का लीड) फोटो -03कैप्सन -कोचिंग संस्थान का लगा बोर्डप्रतिनिधि, सुपौलजिला मुख्यालय सहित जिले के अन्य भागों में इन दिनों धड़ल्ले से सैकड़ों कोचिंग संस्थान संचालित किये जा रहे हैं.विभाग द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं किये जाने का नतीजा है कि इन संस्थानों में मानक की अनदेखी कर अभिभावकों से मोटी रकम वसूलने के बावजूद छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. यह बात अलग है कि प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी सब कुछ जान कर भी अनजान बना है.यही वजह है कि शिक्षा को व्यवसाय बना चुके कुछ लोग धड़ल्ले से कोचिंग संस्थान खोल कर न केवल छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को अंधकारमय बना रहे हैं, बल्कि प्रति वर्ष लाखों रुपये के सरकारी राजस्व का चूना लगा रहे हैं. वहीं इनके द्वारा बिहार कोचिंग संस्थान नियंत्रण एवं विनियम अधिनियम 2010 की भी अनदेखी की जा रही है.मानक की हो रही अनदेखी कोचिंग को पैसे कमाने का जरिया बना चुके इस पेशे से जुड़े लोग छात्र हित की नहीं, बल्कि हमेशा अपने हित की सोचते हैं. यही वजह है कि संचालकों द्वारा निर्धारित मानकों की घोर अनदेखी की जा रही है. इन संस्थानों पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों का नियंत्रण नहीं रहने के कारण निर्धारित मानदंड को पूरा नहीं करने के बावजूद यह धंधा शहर व गांव में काफी फल-फूल रहा है और इसके आड़ में अभिभावकों की गाढ़ी कमाई लूटी जा रही है.मनमाना फीस वसूल रहे हैं संचालक बेहतर भविष्य का सब्ज बाग दिखा कर कोचिंग संचालकों द्वारा मनमाने तरीके से फीस की वसूली की जाती है. यह बात अलग है कि इन संस्थानों में छात्रों की सुविधा का ख्याल भले ही नहीं रखा जाता हो, फीस के मामले में किसी प्रकार के छूट की उम्मीद नहीं की जा सकती. छात्र व अभिभावकों की मानें तो इन संस्थानों में एक साथ एक ही कमरे में सैकड़ों छात्रों को बिठा कर पढ़ाया जाता है. यहां न तो पेयजल की व्यवस्था होती है और न ही मूलभूत सुविधा ही उपलब्ध करायी जाती है. बावजूद इसके मनमाने तरीके से फीस की वसूली की जाती है.विभाग को नहीं पता कितने संस्थान अवैध रूप से संचालित कोचिंग संस्थानों पर नकेल कसने के लिए जवाबदेह शिक्षा विभाग के अधिकारियों को यह भी पता नहीं है कि जिला मुख्यालय अथवा संपूर्ण जिले में कितने संस्थान संचालित हैं. जब इस बाबत जिला शिक्षा पदाधिकारी से संपर्क किया गया, तो उन्होंने डीपीओ सर्व शिक्षा से संपर्क करने को कहा. डीपीओ ने बताया कि वे निजी विद्यालयों की जानकारी दे सकते हैं. कोचिंग के संबंध में डीपीओ माध्यमिक शिक्षा से बात कीजिये. वहीं डीपीओ माध्यमिक शिक्षा ने बताया कि उनके पास इस बात की कोई जानकारी नहीं है और न ही निबंधन के लिए किसी ने आवेदन जमा किया है.अब सोचने वाली बात यह है कि यदि विभाग के पास किसी प्रकार का आंकड़ा तक उपलब्ध नहीं है, तो फिर कैसे अवैध कोचिंग संस्थानों पर नकेल कसी जा सकेगी. फाइलों तक सिमट कर रह गया अधिनियम शिक्षा विभाग के अधिकारियों की अकर्मण्यता एवं लापरवाही का ही नतीजा है कि शहर में कुकुरमुत्ते की तरह प्रति दिन एक नये कोचिंग सेंटर खुल रहे हैं. इन कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारियों का बिल्कुल ही नियंत्रण नहीं है. बेधड़क खोले जा रहे कोचिंग संस्थानों पर नकेल कसने के लिए बनाये गये कोचिंग संस्थान नियंत्रण व विनियम अधिनियम 2010 फाइलों तक ही सिमट कर रह गया है.इस अधिनियम को प्रशासन व शिक्षा विभाग के अधिकारी धरातल पर उतारने में अक्षम साबित हो रहे हैं.सरकारी आदेश को दिखाया जा रहा ठेंगामानक की कसौटी पर खड़ा उतरने वाले संस्थानों को ही विभाग द्वारा मान्यता प्रदान करने का प्रावधान है.लेकिन यहां नियम को ताक पर रख कर बिना मान्यता प्राप्त किये ही कोचिंग संस्थान संचालित कर सरकारी आदेश को ठेंगा दिखाया जा रहा है.सरकारी आदेश के मुताबिक उसी संस्थान को संचालन हेतु मान्यता प्रदान किया जाना है जो योग्य शिक्षक व सिलेबस पूरी करने की गारंटी के साथ-साथ छात्रों को समुचित उपस्कर, बेंच, डेस्क, समुचित रोशनी व हवा की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, स्वच्छता, साइकिल व वाहन पार्किंग, आकस्मिक चिकित्सा सुविधा जैसे जरूरी मानदंड को पूरा करता हो. कितने कोचिंग संस्थान संचालित हैं इसकी जानकारी नहीं है. निबंधन के लिए कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. अवैध तरीके से संचालित कोचिंग संस्थानों के विरुद्ध अभियान चला कर कार्रवाई की जायेगी.मो जाहिद हुसैन, डीइओ

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