शोपीस बना लाखों की लागत से बना जलमीनार

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वीरपुर : कोसी क्षेत्र के जल में आयरन की समस्या सदियों से व्याप्त है. समस्या को दूर करने की दिशा में सरकार द्वारा पहल भी की गयी है. जल शुद्धिकरण संयंत्र व जलमीनारों की स्थापना हेतु सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन उचित निगरानी व प्रशासनिक संवेदनहीनता के कारण सरकारी प्रयास अनुमंडल क्षेत्र […]

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वीरपुर : कोसी क्षेत्र के जल में आयरन की समस्या सदियों से व्याप्त है. समस्या को दूर करने की दिशा में सरकार द्वारा पहल भी की गयी है. जल शुद्धिकरण संयंत्र व जलमीनारों की स्थापना हेतु सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन उचित निगरानी व प्रशासनिक संवेदनहीनता के कारण सरकारी प्रयास अनुमंडल क्षेत्र में विफल साबित हो रहा है.

अनुमंडल मुख्यालय में लोगों को शुद्ध व आयरन रहित पेय जल मुहैया कराने के उद्देश्य से लाखों की लागत से निर्मित यह जल मीनार इतने वर्षों के बाद भी लोगों की प्यास बुझाने में असफल साबित हुआ है. जबकि गत वर्ष इसके जीर्णोद्धार के साथ-साथ घर- घर जल की आपूर्ति के लिए नगर पंचायत द्वारा निविदा निकाल कर एक करोड़ से अधिक की लागत से कार्य प्रारंभ किया गया,

जो अब तक पूरा नहीं हो पाया है. लोगों में व्याप्त है असंतोषनगर पंचायत वीरपुर द्वारा जलापूर्ति के नाम पर किये जा रहे करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे से स्थानीय लोगों में असंतोष व्याप्त है.लोगों का कहना है कि स्थानीय लोगों की समस्या से नगर पंचायत को कोई लेना-देना नहीं है.वीरपुर वार्ड नंबर 01 निवासी परमानंद सिंह, वार्ड नंबर 13 निवासी चंदन कुमार सहित अन्य नगर वासियों नगर पंचायत की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि निविदा के अनुसार अब तक कार्य पूरा हो जाना था.

लेकिन स्थिति यह है कि अभी तक पाइप भी नहीं बिछाया गया है.उन्होंने नगर पंचायत को भ्रष्टाचार का अड्डा बताते कहा कि नगर पंचायत के प्रतिनिधि व कर्मियों को आम जनता की तकलीफों से कोई लेना-देना नहीं है. आयरनयुक्त पानी पीने की है विवशता नगर पंचायत की अकर्मण्यता के कारण स्थानीय लोगों को आयरन युक्त पानी पीने की मजबूरी है.

क्षेत्र के पानी में आर्सेनिक की मात्रा अधिक रहने के कारण इस क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने के उद्देश्य से उक्त जल मीनार का निर्माण किया गया था.लेकिन अपने उद्देश्य में असफल रहने के कारण लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध नहीं कराया जा सका.नतीजतन स्थानीय लोग दूषित जल पी कर असमय काल के गाल में समा रहे हैं.

जबकि नगर पंचायत इस दिशा में उदासीन बना हुआ है.स्थिति यह है कि अभी काफी दिनों तक लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए इंतजार करना पड़ेगा.

कहते हैं पदाधिकारीइस संबंध में नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी अमोल मिश्र ने बताया कि संवेदक द्वारा जीर्णोद्धार कार्य में विलंब किया गया. जिसके कारण शुद्ध पेय जल आपूर्ति की सुविधा लोगों को उपलब्ध नहीं करायी जा सकी है. शीघ्र ही समस्या का निदान किया जायेगा.

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