लोगों को सुरक्षा देने वाले खुद हैं असुरक्षित

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किसनपुर : बिहार के विकास के साथ-साथ जिले का भी काफी विकास हुआ है.सड़कें चकाचक हुई, नयी-नयी इमारत बनीं. साथ ही कई अन्य योजनाओं को भी गति मिली.लेकिन किसनपुर प्रखंड के करीब दो लाख आबादी की सुरक्षा के लिए स्थापित किसनपुर थाना में सुविधाओं का घोर अभाव है. यहां पदस्थापित अधिकारी व कर्मियों के लिए […]

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किसनपुर : बिहार के विकास के साथ-साथ जिले का भी काफी विकास हुआ है.सड़कें चकाचक हुई, नयी-नयी इमारत बनीं. साथ ही कई अन्य योजनाओं को भी गति मिली.लेकिन किसनपुर प्रखंड के करीब दो लाख आबादी की सुरक्षा के लिए स्थापित किसनपुर थाना में सुविधाओं का घोर अभाव है.

यहां पदस्थापित अधिकारी व कर्मियों के लिए रहने तक की व्यवस्था नहीं है.पुराने भवन में संचालित थाना का भवन जहां काफी जर्जर अवस्था में है.वहीं अधिकारी व कर्मियों के लिए अलग से क्वार्टर उपलब्ध नहीं रहने के कारण उन्हें थाना के बरामदे पर रात गुजारने के लिए विवश होना पड़ रहा है.पुरुष अधिकारी व कर्मी तो किसी प्रकार अपना समय व्यतीत कर लेते हैं.सबसे अधिक परेशानी महिला कर्मियों को उठानी पड़ती है.

यही वजह है कि इस थाना में पदस्थापित महिला कर्मी यहां रहना नहीं चाहती.कुल मिला कर यह कहा जा सकता है कि दो लाख की आबादी की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस कर्मी खुद असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. थाना में सुविधाओं का है घोर अभावजिला मुख्यालय के सबसे करीब रहने के बावजूद किसनपुर थाना में सुविधाओं का घोर अभाव है.

वहीं उपलब्ध सुविधाओं का भी कर्मियों को लाभ नहीं मिल रहा है.थाना परिसर में शौचालय नहीं रहने से कर्मियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.करीब एक वर्ष पूर्व निर्मित शौचालय काफी जर्जर अवस्था में है.बताया जाता है कि निर्माण के समय गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया.

इसी वजह से इस अल्प अवधि के दौरान ही शौचालय जर्जर हो चुका है.वहीं पेयजल के लिए परिसर में दो चापाकल लगाये गये हैं, जो अधिकांश समय खराब ही रहता है.एक ही क्वार्टर में रहते हैं सभी अधिकारीथाना परिसर में अधिकारियों के रहने के लिए एक मात्र क्वार्टर उपलब्ध है.इसकी स्थिति भी काफी दयनीय है.

कर्मियों ने बताया कि इस जर्जर भवन के कारण कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है.बताया कि थाना में पदस्थापित सभी अधिकारी किसी प्रकार इसी एक क्वार्टर में एडजस्ट कर रहते हैं.जबकि सभी जवान थाना भवन के पिछले हिस्से में बने जर्जर बैरेक में रहने को विवश हैं.

कई अधिकारियों ने बताया कि थाना में क्वार्टर उपलब्ध नहीं रहने एवं किसनपुर बाजार में एक भी पारिवारिक डेरा उपलब्ध नहीं रहने के कारण चाह कर भी परिवार को साथ नहीं रख सकते.जमीन की प्रचुरता के बावजूद नहीं हो रहा निर्माणवर्षों पूर्व स्थापित इस थाना को जमीन की को ई कमी नहीं है.लेकिन केवल जमीन के मामले में धनी इस थाना को भवन एवं अन्य साधन उपलब्ध नहीं रहने के कारण अधिकारी व कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

डेढ़ एकड़ से अधिक जमीन उपलब्ध रहने के बावजूद आज तक थाना भवन एवं क्वार्टर निर्माण की दिशा में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा सकी है.नतीजतन अधिकारी व कर्मियों को यहां कार्य करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है.

जर्जर थाना भवन एवं क्वार्टर उपलब्ध नहीं रहने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.इस दिशा में कार्रवाई के लिए वरीय पदाधिकारियों को सूचित किया गया है.सरोज कुमार, थानाध्यक्ष किसनपुर

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