जमीन पर सहायिका का कब्जा

Updated:
विज्ञापन

अतिक्रमण के कारण नहीं बन पा रहा आंगनबाड़ी केंद्र का भवन कई बार अधिकारियों को जमीन खाली कराने के लिए दिया जा चुका है आवेदन, पर कार्रवाई नहीं विरोध करने पर सहायिका देती है हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी सुपौल : जब मांझी ही नाव डूबोने में जुट जाये, तो नाव का अंजाम क्या […]

विज्ञापन
अतिक्रमण के कारण नहीं बन पा रहा आंगनबाड़ी केंद्र का भवन
कई बार अधिकारियों को जमीन खाली कराने के लिए दिया जा चुका है आवेदन, पर कार्रवाई नहीं
विरोध करने पर सहायिका देती है हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी
सुपौल : जब मांझी ही नाव डूबोने में जुट जाये, तो नाव का अंजाम क्या होगा, सहज अनुमान लगाया जा सकता है. कुछ ऐसी ही कवायद बसंतपुर प्रखंड के रतनपुरा पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 31 पर हो रही है.
आंगनबाड़ी केंद्र भवन के लिए प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन केंद्र की सहायिका चंदा देवी ने आंगनबाड़ी केंद्र की जमीन पर ही कब्जा जमा लिया है. इस वजह से भवन निर्माण कार्य बाधित है. भवन निर्माण के लिए पंचायत की मुखिया रंजू देवी डीएम समेत तमाम वरीय अधिकारियों से गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन नतीजा सिफर ही निकला.
सहायिका ने बनाया केंद्र की जमीन पर घर : आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 31 महादलित टोला में है.इस केंद्र को खाता -90 खेसरा 1093 के तहत 4.5 डिसमिल जमीन उपलब्ध है. 13 वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आधार पर डीडीसी ने 10 अक्तूबर, 2014 को आंगनबाड़ी केंद्र भवन की प्रशासनिक स्वीकृति दी, लेकिन स्वीकृति मिलने के बाद जब निर्माण की कवायद शुरू हुई, तो केंद्र की सहायिका चंदा देवी ने जबरन केंद्र की जमीन पर फूस का घर बना लिया. बहरहाल उस घर में सहायिका निवास भी कर रही हैं. लोगों ने निर्माण का विरोध किया, तो हरिजन एक्ट में फंसाने की धमकी दी गयी.
केवल कागजी खानापूर्ति : केंद्र की जमीन पर कब्जा होने के बाद भवन निर्माण की प्रक्रिया स्थगित हो गयी. कब्जा के बाबत मुखिया मंजू देवी ने डीडीसी, डीपीओ एवं सीडीपीओ को सूचना देते हुए अतिक्रमण हटाने की गुहारलगायी. पर, आज भी जमीन पर कब्जा कायम है और कागजी खानापूर्ति जारी है.
18 मार्च को आइसीडीएस के डीपीओ रमेश कुमार ओझा ने सीडीपीओ बसंतपुर को पत्र लिख कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने को कहा. पत्र में कहा गया कि यदि सहायिका ने अतिक्रमण नहीं हटाती है, तो उसके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाये व सहायिका की चयनमुक्ति का प्रस्ताव आंगनबाड़ी विकास समिति के माध्यम से भेजा जाये.
पत्र के आलोक में पहले सेविका चंदा देवी को अतिक्रमण समाप्त करने को कहा गया. तय अवधि में अतिक्रमण समाप्त नहीं करने पर समिति द्वारा चयनमुक्ति का प्रस्ताव भी दिया गया. उसके बाद 17 अप्रैल को सीडीपीओ ने डीपीओ से सरकारी भूमि को खाली करवाने का अनुरोध किया. पर, पत्रचार का भी फायदा नहीं निकला.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन