कोसी क्षेत्र में जल स्रोत सृजन की बड़ी संभावना सही ढंग से अध्ययन की जरूरत : मुख्यमंत्री

Updated at : 07 Jan 2020 8:09 AM (IST)
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कोसी क्षेत्र में जल स्रोत सृजन की बड़ी संभावना सही ढंग से अध्ययन की जरूरत : मुख्यमंत्री

सुपौल : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में रविवार के अपराह्न समाहरणालय स्थित टीसीपी भवन में कोसी प्रमंडल अंतर्गत सुपौल, सहरसा एवं मधेपुरा जिले की जल जीवन हरियाली अभियान से संबंधित समीक्षा बैठक हुई. बैठक में सार्वजनिक कुंओं, चापाकल, आहर, पाइन का जीर्णोद्धार, नलकूपों, कुंओं व चापाकल के किनारे सोख्ता निर्माण, जल संचयन संरचनाओं का […]

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सुपौल : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में रविवार के अपराह्न समाहरणालय स्थित टीसीपी भवन में कोसी प्रमंडल अंतर्गत सुपौल, सहरसा एवं मधेपुरा जिले की जल जीवन हरियाली अभियान से संबंधित समीक्षा बैठक हुई. बैठक में सार्वजनिक कुंओं, चापाकल, आहर, पाइन का जीर्णोद्धार, नलकूपों, कुंओं व चापाकल के किनारे सोख्ता निर्माण, जल संचयन संरचनाओं का निर्माण, छोटी नदियों, नालों व पहाड़ी क्षेत्र में चेक डैम निर्माण, नये जल स्रोतों का सृजन, पौधरोपण व पौधशाला सृजन, जैविक खेती एवं टपकन सिंचाई आदि के संबंध में विस्तार से चर्चा की गयी.

इसके अलावा सौर ऊर्जा को प्रोत्साहन, हर घर नल का जल, पक्की नाली-गली, संपर्क विहीन बस्तियों को पक्की सड़क से जोड़ने, शौचालय निर्माण, बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम, लोक सेवा अधिकार अधिनियम, विद्युत विभाग के जर्जर तारों का बदलाव व पावर सब स्टेशन निर्माण संबंधी जानकारी दी गयी.
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्या एवं शिकायतों को रखा. जिस पर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने अपनी बातें कही. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को शिकायतों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया.
अभियान से बेघर होने वाले के लिये वैकल्पिक व्यवस्था : बैठक के दौरान सीएम ने कहा कि अतिक्रमण मुक्त अभियान से प्रभावित होने वाले अनुसूचित जाति-जनजाति व गरीब तबके के जो लोग बेघर होते हैं, पहले उन्हें वैकल्पिक स्थान पर ले जाने के लिये जगह का चयन कर लें. उन्होंने कहा कि कोसी नदी हमेशा अपनी धारा बदलती है.
जिसे ध्यान में रखते हुए जल संसाधन विभाग को पुरानी नदियों व उप नदियों के जीर्णोद्धार पर विशेष ध्यान देना होगा. कहा कि कोसी क्षेत्र में जल स्रोत सृजन की बड़ी संभावना है. इसका अध्ययन सही ढंग से कराने की जरूरत है. उन्होंने सभी सरकारी भवनों पर वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया. ताकि भूजल स्तर कायम रहे.
मानव शृंखला में शामिल होने की अपील : उन्होंने जल जीवन हरियाली व नशा मुक्ति के समर्थन तथा बाल विवाह, दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आगामी 19 जनवरी को बनने वाली मानव शृंखला में सभी को शामिल होने का आग्रह किया.
इस अवसर पर बिहार विधान परिषद के कार्यकारी सभापति मो हारूण रशीद, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, विधि एवं लघु जल संसाधन मंत्री नरेंद्र नारायण यादव, सांसद दिलेश्वर कामैत व दिनेश चंद्र यादव, विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू, विधान पार्षद ललन सर्राफ, मुख्य सचिव दीपक कुमार, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, सीएम के सचिव मनीष कुमार वर्मा, प्रमंडलीय आयुक्त के सेंथिल कुमार, सीएम के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, तीनों जिले के डीएम व एसपी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
सीएम से की किसान सलाहकारों को सरकारी कर्मी घोषित करने की मांग
सुपौल. बिहार राज्य किसान सलाहकार संघ ने किसान सलाहकारों को सरकारी कर्मी घोषित करने की मांग की है. संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमन कुमार द्वारा रविवार को मुख्यमंत्री को मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा गया.
जिसमें प्रदेश अध्यक्ष डॉ कुमार ने कहा है कि विगत 10 वर्षों से किसान सलाहकारों द्वारा राज्य और केंद्र प्रायोजित योजनाओं को अमलीजामा पहनाया जा रहा है. किसान सलाहकार, कृषि विभाग और किसानों के बीच की मजबूत कड़ी हैं. उनके दायित्वपूर्ण निर्वहन के कारण बिहार को भारत सरकार द्वारा चावल के उत्पादन में सर्वश्रेष्ट राज्य का कृषि कर्मण पुरस्कार मिला.
गेहूं के उत्पादन के लिये राष्ट्रपति ने भी पुरस्कृत किया. अन्य कई सम्मान भी बिहार को मिले. बावजूद अंशकालिक कर्मी, गैर सरकारी कर्मी आदि कह कर उनके मनोबल को कमजोर किया जाता है. जिससे किसान सलाहकार का भविष्य अधर में लटका है. प्रदेश अध्यक्ष डॉ कुमार ने सीएम से किसान सलाहकारों को सरकारी कर्मी घोषित करने की मांग की.
स्वच्छताग्रहियों ने सीएम के समक्ष रखी सेवा नियमित करने की मांग
सुपौल. सीएम के सुपौल दौरे के क्रम में स्वच्छता सेनानी संघ की सुपौल इकाई द्वारा उन्हें 05 सूत्री मांगों से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा गया. जिसमें स्वच्छताग्रही की सेवा नियमित करने, स्वच्छता सेनानी का दर्जा देने, जल जीवन हरियाली योजना में स्वच्छताग्रही को जिम्मेदारी देने, उनकी सेवा स्थायी करने, स्वच्छताग्रहियों को 25 लाख का नि:शुल्क जीवन बीमा देने तथा स्वच्छताग्रही, स्वच्छता प्रेरक, सीएलटीएस व सीएलटीएस मोटिवेटर को नियमित रूप से दैनिक भत्ता व प्रोत्साहन राशि देने की मांग की गयी है.
मांग करने वालों में संघ के प्रदेश अध्यक्ष केशव कुमार, प्रदेश संयोजक डॉ अमन कुमार, प्रदेश संगठन सचिव शिव शंकर कुमार, बबीता कुमारी, रंजीत कुमार, सुभाष कुमार, अशोक कुमार, सोनम कुमारी, नीतू बिहारी आदि शामिल हैं.
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