कोसी के जस्लतर में बढ़ोतरी, ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ी

सुपौल : कोसी नदी में बढ़ते-घटते जल स्तर के साथ तटबंध के भीतर बसे लोगों की धड़कने भी बढ़-घट रही है. कभी कोसी का बढ़ रहा जल स्तर तो कभी कटाव झेलना तटबंध के भीतर बसे लोगों की नियति बन चुकी है. तटबंध के भीतर बसे लोगों की हालत बेहद खराब है. चारों ओर भय […]
सुपौल : कोसी नदी में बढ़ते-घटते जल स्तर के साथ तटबंध के भीतर बसे लोगों की धड़कने भी बढ़-घट रही है. कभी कोसी का बढ़ रहा जल स्तर तो कभी कटाव झेलना तटबंध के भीतर बसे लोगों की नियति बन चुकी है. तटबंध के भीतर बसे लोगों की हालत बेहद खराब है. चारों ओर भय और सन्नाटा. बारिश के कारण लोगों की बढ़ी मुश्किलों के बाद अब लोग जल्द से जल्द बरसात के बीत जाने के इंतजार में हैं. कोसी के कहर से परेशान तटबंध के भीतर बसे लोगों के लिए कोसी नदी प्रत्येक दिन नयी समस्या उत्पन्न कर रही है. नेपाल स्थित बराह क्षेत्र से बुधवार को 1 लाख 34 हजार 75 व बराज से 1 लाख 44 हजार 775 मापा गया.
बढ़ते जल स्तर के साथ ही तटबंध के भीतर लोगों की परेशानी भी बढ़नी शुरू हो गयी है. जिले के मरौना प्रखंड अंतर्गत सिकरहट्टा-मझारी निम्न बांध स्थित स्पर 9.40 पर क्रैटिंग धंसने से जहां जल संसाधन विभाग की नींद उड़ी हुई है. वहीं तटबंध के भीतर बसे गांव परसामाधो, नौआबाखर, मौजाहा, बौराहा आदि पंचायतों के कई गांवों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मुखिया रंजन यादव, राम प्रसाद साह, जगन्नाथ महतो, उदय कुमार चौधरी, ग्रामीण सुधांशु मंडल, सुरेश चौधरी, अरुण मंडल, राजेश यादव आदि ने बताया कि अभी भी तटबंध के भीतर परिचालन के नाव की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










