प्रतिनिधि,सिसवन. प्रखंड में फार्मर रजिस्ट्री बनाने का कार्य शुरू किया गया है लेकिन पूर्वजों के नाम दर्ज जमाबंदी से परेशीनी हो रही है. इधर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के दिशा-निर्देश के अनुसार फिलहाल उन्हीं किसानों की फार्मर आइडी बनाई जा रही है, जिनके नाम पर स्वयं जमाबंदी दर्ज है.ऐसे किसानों की संख्या काफी कम है. वहीं क्षेत्र में अधिकांश किसान ऐसे हैं, जिनकी जमीन अभी भी उनके पिता या दादा के नाम से जमाबंदी में दर्ज है. कृषि और राजस्व विभाग का स्पष्ट कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री उसी व्यक्ति की बनाई जाएगी, जिसके नाम जमीन की जमाबंदी दर्ज है. इधर इस नियम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.किसान शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्या बताते हैं, लेकिन समाधान के नाम पर उन्हें केवल जमाबंदी बंटवारा कराने की सलाह दी जा रही है.विभागीय कर्मचारी भी इस मामले में हाथ खड़े करते नजर आ रहे हैं. स्थिति यह है कि पंचायत भवनों पर शिविरों में भारी भीड़ तो उमड़ रही है, लेकिन अधिकांश किसान खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं. बोले अधिकारी प्रथम चरण में जिन किसानों के नाम जमाबंदी है, उनके फार्मर आईडी की प्रक्रिया की जा रही है. सरकारी निर्देश मिलने के बाद नयी व्यवस्था लागू की जाएगी. पंकज कुमार, अंचलाधिकारी, सिसवन
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