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अपार कार्ड निर्माण शुरू नहीं करने पर 228 स्कूलों से शोकॉज

Updated at : 12 Apr 2025 9:11 PM (IST)
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अपार कार्ड निर्माण शुरू नहीं करने पर 228 स्कूलों से शोकॉज

अपार कार्ड बनाने में रुचि नहीं लेने वाले 228 विद्यालयों से डीइओ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्टीकरण मांगा है. इनमें 201 प्राइवेट, 10 मदरसा, चार संस्कृत व 13 वित्त रहित विद्यालय शामिल हैं. इन विद्यालयों द्वारा चार माह बीतने के बावजूद अभी तक एक भी छात्र का अपार कार्ड जेनरेट नहीं किया गया है.

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प्रतिनिधि, सीवान. अपार कार्ड बनाने में रुचि नहीं लेने वाले 228 विद्यालयों से डीइओ राघवेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्टीकरण मांगा है. इनमें 201 प्राइवेट, 10 मदरसा, चार संस्कृत व 13 वित्त रहित विद्यालय शामिल हैं. इन विद्यालयों द्वारा चार माह बीतने के बावजूद अभी तक एक भी छात्र का अपार कार्ड जेनरेट नहीं किया गया है. डीइओ ने शो-कॉज में कहा है कि पूर्व में 228 विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों का अपार आइडी जेनरेट करने के लिए निर्देशित किया गया है. बीईओ कार्यालय से भी इन विद्यालयों को इस कार्य के लिए निर्देश दिया गया. बावजूद इसके विद्यालय द्वारा अपार कार्ड बनाने का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया. इस लिए इन शिक्षण संस्थानों के प्रधान अपना साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण कार्यालय को पत्र निर्गत के 24 घंटा के अंदर समर्पित करें. डीइओ ने अपने आदेश में कहा है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं देने वाले विद्यालयों की मान्यता, प्रस्वीकृति, यू-डायस कोड को निरस्त और रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. वहीं सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के कारण इन विद्यालयों पर नियमानुसार कार्रवाई प्रारंभ कर दिया जाएगा. यू-डायस कोड को रद्द करने के बाद विद्यालय के सभी बच्चे स्वतः ड्राप बॉक्स में चले जायेगे. जिसके कारण विद्यालय के किसी भी बच्चे के अपार का निर्माण नहीं हो सकेगा. जिसकी पूर्ण जिम्मेवारी विद्यालयों की होगी. सरकारी विद्यालयों के 68.07 फीसदी छात्रों का बना है अपार सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत 68.07 फीसदी छात्रों का अपार कार्ड जेनरेट हो गया है. डीइओ कार्यालय से जारी रिपोर्ट के मुताबिक जिला के सरकारी विद्यालयों में तीन लाख 47 हजार नौ सौ 91 छात्र नामांकित है. इनमें से दो लाख 36 हजार आठ सौ 81 छात्रों का अपार कार्ड बन गया है. अन्य छात्रों का अपार कार्ड तकनीकी समस्या के चलते जेनरेट नहीं हो रहा है. नामांकन पंजी व आधार कार्ड की डेटा में भिन्नता के चलते यह समस्या हुई है. वहीं सरकारी स्कूलों में नामांकित करीब 20-25 फीसदी छात्रों के पास आधार कार्ड नही है. जिसके चलते अपार कार्ड की रफ्तार धीमी है. निजी शिक्षण संस्थान नहीं ले रहे हैं रुचि अपार कार्ड निर्माण कार्य मे निजी शिक्षण संस्थान रुचि नहीं ले रहे है. जिससे इसकी रफ्तार सुस्त है. रिपोर्ट के मुताबिक प्राइवेट शिक्षण संस्थान में नामांकित एक लाख 64 हजार पांच सौ 62 नामांकन में से मात्र 38 हजार चार सौ 87 छात्रों का ही अपार बना है. जो कुल छात्रों का 23.39 फीसदी है. वही सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में नामांकित 2283 छात्रों में से 1358 का अपार कार्ड जेनरेट हुआ है. मदरसा में नामांकित 3128 छात्रों में से 833 का अपार कार्ड बना है. संस्कृत विद्यालय में नामांकित 2465 छात्रों में से 465 का अपार कार्ड बना है. वित्तरहित शिक्षण संस्थानों में नामांकित 2385 छात्रों में से 537 का ही अपार कार्ड बना है. .

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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