ePaper

सदर अस्पताल में आठ घंटे गुल रही बिजली

Updated at : 15 Jun 2024 9:38 PM (IST)
विज्ञापन
सदर अस्पताल में आठ घंटे गुल रही बिजली

शुक्रवार की मध्य रात्रि से लेकर शनिवार की सुबह लगभग 10.38 तक लगभग आठ घंटे से अधिक समय तक सदर अस्पताल की विद्युत आपूर्ति पूर्णतः ठप होने के कारण मरीज एवं उनके परिजन छटपटाते रहे. डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल प्रबंधक से लेकर सिविल सर्जन को रातभर फोन करते रहे, लेकिन किसी भी अधिकारी ने मरीजों की सुधि नहीं ली.

विज्ञापन

संवाददतात, सीवान. शुक्रवार की मध्य रात्रि से लेकर शनिवार की सुबह लगभग 10.38 तक लगभग आठ घंटे से अधिक समय तक सदर अस्पताल की विद्युत आपूर्ति पूर्णतः ठप होने के कारण मरीज एवं उनके परिजन छटपटाते रहे. डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अस्पताल प्रबंधक से लेकर सिविल सर्जन को रातभर फोन करते रहे, लेकिन किसी भी अधिकारी ने मरीजों की सुधि नहीं ली. आपात कक्ष में पसीने में तरबतर डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टॉफ ने मोबाइल के रोशनी में मरीजों का उपचार किया. महिला वार्ड में एक भी महिला का सुबह 11 बजे तक एक भी सिजेरियन नहीं किया गया. व्यवस्था देख मरीजों ने निजी अस्पतालों में जाना बेहतर समझा. .एसएनसीयू में रातभर बिजली आपूर्ति नहीं होने से टेंपरेचर 40 डिग्री से अधिक हो गया. लाइफ सपोर्ट सिस्टम ने काम करना बंद दिया तो डॉक्टर संजीव रंजन ने पहले अपने अधिकारियों से बात करनी चाही. लेकिन किसी अधिकारी ने फोन नहीं उठाया तो भर्ती सभी नवजात बच्चों की जान बचाने के लिए उनकी मां को सौंप दिया. छह भर्ती नवजात बच्चों को उनकी मां कंगारू वार्ड में भीषण गर्मी में लेकर रात काटा. ब्लड बैंक के फ्रिज का टेंपरेचर पहुंचा 10.4 डिग्री सेंटीग्रेड आठ घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति ठीक होने के कारण इसका असर ब्लड बैंक पर भी पड़ा. फ्रिज का टेंपरेचर 10.4 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक हो जाने के कारण ब्लड खराब होने की संभावनाएं अधिक हो गयी. सीवान ब्लड बैंक के इतिहास में पहली बार लोगों के जागरूक होने के कारण शुक्रवार को रिकॉर्ड 160 लोगों ने रक्तदान किया. ब्लड बैंक में लगभग 260 यूनिट ब्लड है. लेकिन पिछले चौबीस घंटों में जिस तरह सदर अस्पताल की विद्युत आपूर्ति चौपट है.उस परिस्थिति में ब्लड बैंक के ब्लड को सुरक्षित रख पाना मुश्किल है. बिजली नहीं होने कारण 11 बजे तक नहीं हुआ ओपीडी में मरीजों का इलाज सदर अस्पताल में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था ठीक होने की शनिवार की सुबह 11 बजे तक ओपीडी में मरीजों का इलाज नहीं हो सका. रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मरीज कतार में गर्मी में काउंटर के समीप खड़े रहे. कुछ डॉक्टर अपने कक्ष में बैठ कर मरीजों को पर्ची लेकर आने का इंतजार कर रहे थे. बिजली नहीं होने के कारण सुबह आठ बजे से पैथोलॉजी विभाग के कर्मचारी परेशान थे. बिजली नहीं होने के कारण किसी प्रकार के जांच सुबह 11 बजे तक नहीं शुरू हो सका था. पिछले 24 घंटे में एसएनसीयू में भर्ती नवजातों को नहीं मिली एसएनसीयू की सुविधा शुक्रवार सुबह 11:00 बजे से लेकर शनिवार लगभग 11:00 बजे के बाद तक सदर अस्पताल के स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट में भर्ती नवजात बच्चों को एसएनसीयू का ट्रीटमेंट नहीं मिल सका. गंभीर स्थिति में भर्ती नवजात बच्चों को ऑक्सीजन, कार्डियक मॉनिटर, सिपैप, एवम फोटो थेरेपी की सुविधा नहीं मिल सकी. डॉ. संजीव रंजन ने बताया कि जब बच्चे को दवा देने का समय होता था तो बच्चों को बुलाया जाता था तथा दवा देकर पुनः मां को सौंप दिया जाता था. डॉक्टर द्वारा बताया गया कि इतना अधिक टेंपरेचर में नवजात बच्चों को रखना खतरे से खाली नहीं था. आउट वार्ड की लगभग छह बच्चों की मां अपने नवजात बच्चों को गर्मी में कंगारू वार्ड में लेकर बैठी थी.एक ट्विंस बच्चे की मां अपने दोनों बच्चों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए कंगारू वार्ड के फर्श पर सुला दिया. .डीएम के संज्ञान में आने के बाद एडीएम ने की जांच सदर अस्पताल के लचर स्वास्थ्य सेवा के मामले को जिलाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए एडीएम उपेंद्र कुमार सिंह को जांच करने के लिए शनिवार को अपराह्न में सदर अस्पताल भेजा. एडीएम एसएनसीयू पहुंचे तथा वहां पर ड्यूटी पर तैनात मेडिकल ऑफिसर से एसएनसीयू के संबंध में पूछताछ किया. बताया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश मिला है कि शनिवार की रात्रि तक हर हाल में एसएनसीयू का एसी चालू हो जाना चाहिए. अगर नया ऐसी लगाना है तो नया एसी भी लगाने का निर्देश प्राप्त हुआ है. बताया जाता है कि स्वास्थ्य विभाग के वरीय पदाधिकारियों द्वारा यह भी निर्देश दिया गया है की जरूरत पड़ने पर एसएनसीयू का स्पेशल जेनरेटर को चलाया जाए. विभाग द्वारा एसएनसीयू के लिए अलग से जेनरेटर की व्यवस्था की गई है. लेकिन आज तक इसका उपयोग विशेष परिस्थिति में भी नही किया गया. कंट्रोल पैनल में आग लगने से हुई विद्युत आपूर्ति बाधित बताया जाता है कि शुक्रवार की रात्रि लगभग दो बजे अस्पताल के जनरेटर रूम के पैनल बोर्ड में अधिक लोड होने के कारण आग लग गई. कर्मचारियों ने किसी तरह आग पर काबू पाया. इस दौरान लगभग एक घंटे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही. कर्मचारियों ने पैनल बोर्ड का मरम्मत का विद्युत आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया. लेकिन बार-बार केवल जल जाने के कारण 2:00 बजे से लेकर सुबह 5:00 बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही. सुबह 5:00 से कर्मचारी लाइन काटकर पैनल बोर्ड का केबल चेंज करने में जुट गए. शनिवार की सुबह 10:38 पर पैनल बोर्ड रिपेयर होने के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी. शुक्रवार को दिन में भी लगभग दो घंटे तक केवल जल जाने के कारण सदर अस्पताल का सिविल एवं जनरेटर विद्युत आपूर्ति पूर्ण रूप से बाधित रहा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन