आसमान से बरसी आग,पारा 39 डिग्री के पार

पूरा जिला भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है. पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. रविवार को जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.
प्रतिनिधि, सीवान. पूरा जिला भीषण गर्मी की चपेट में आ गया है. पिछले तीन दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. रविवार को जिला मुख्यालय का अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. रविवार की सुबह 10 बजे के बाद ही सूरज की तपिश इतनी तेज हो गई कि लोग जरूरी काम निबटाकर घरों में दुबक गए. दोपहर 12 से 4 बजे तक शहर की मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा.मौसम विभाग के अनुसार परवाईया गर्म हवाओं के कारण अगले पांच दिनों तक लू चलने की आशंका है. तापमान 40-41 डिग्री तक पहुंच सकता है. सुबह-शाम भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही, न्यूनतम तापमान भी 22-24 डिग्री के आसपास बना हुआ है.एसी-कूलर दिन-रात चलने से बिजली की खपत बढ़ गई है. इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ा है. छाता, गमछा व मिट्टी के घड़ों की मांग तेज गर्मी बढ़ते ही बाजार की तस्वीर बदल गए और बाजार में गमछा की बिक्री अचानक बढ़ गई है. बताते हैं कि पिछले हफ्ते दिनभर में एक से दो गमछा बिकते थे, अब 40-50 से ज्यादा बिक रहे हैं.वही 150 से 400 रुपये तक वाले छातों की सबसे ज्यादा डिमांड है. गर्मी में पुरानी परंपराएं भी लौट आई हैं. कुम्हार टोला फतेपुर, बबुनिया मोड़,पकड़ी मोड़ और स्टेशन रोड के कुम्हारों के यहां मिट्टी के घड़े, सुराही खरीदने वालों की भीड़ लग रही है. बांसोंपाली निवासी रीना देवी ने कहा कि फ्रिज का पानी नुकसान करता है, घड़े का पानी गले को ठंडक देता है और बीमारी से भी बचाता है. 70 रुपये से 350 रुपये तक के घड़े बिक रहे हैं. निम्बू, बेल और सत्तू की दुकानों पर भी दिनभर ग्राहकों का तांता लग रहा है. एसी, कूलर और पंखे के भी बाजार में उछाल स्टेशन रोड स्थित शोरूम के संचालक पंकज कुमार ने बताया कि पिछले 5 दिन में एसी की बिक्री दोगुनी हो गई है. 1.5 टन इन्वर्टर एसी व डेजर्ट कूलर सबसे ज्यादा उठ रहे हैं.ग्रामीण इलाकों से भी लोग कूलर-पंखा खरीदने शहर पहुंच रहे हैं. मैकेनिक मो. इरशाद ने कहा कि सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक काम कर रहे हैं. रोज 25-30 कूलर और पंखे रिपेयर हो रहे हैं. मौसम की मार से बीमार हो रहे मासूम व बुजुर्ग बदलते मौसम ने सबसे ज्यादा बच्चों और बुजुर्गों को अपनी चपेट में लिया है. सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अनूप दुबे का कहना है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण इस आयु वर्ग के लोग संक्रमण की चपेट में जल्दी आ रहे हैं.शिशु रोग वार्ड के बाहर अपने बच्चों को दिखाने आईं माताओं का कहना है कि बच्चों को अचानक तेज बुखार और उल्टी-दस्त होने लगी है. जिसे दिखाने के लिए लाएं हैं.
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