स्ट्रीट लाइट क्षतिग्रस्त करने से लोगों में आक्रोश

शहर के प्रमुख एवं ऐतिहासिक पंचमंदिरा पोखरा परिसर में असामाजिक तत्वों द्वारा की गई तोड़फोड़ को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. पोखरा परिसर में हाल ही में लगाए गए स्ट्रीट लाइट को असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया है. सुरक्षा को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है. लाइट को तोड़ने के बाद उसके हिस्सा को पोखरा में ही फेंक दिया गया है.
प्रतिनिधि,सीवान.शहर के प्रमुख एवं ऐतिहासिक पंचमंदिरा पोखरा परिसर में असामाजिक तत्वों द्वारा की गई तोड़फोड़ को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. पोखरा परिसर में हाल ही में लगाए गए स्ट्रीट लाइट को असामाजिक तत्वों ने तोड़ दिया है. सुरक्षा को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ गई है. लाइट को तोड़ने के बाद उसके हिस्सा को पोखरा में ही फेंक दिया गया है. पंचमंदिरा पोखरा परिसर में अत्याधुनिक पार्क और छठ घाट का उद्घाटन वर्ष 2025 अप्रैल माह में किया गया था. उद्घाटन के बाद यह स्थल शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया था.यह वही परिसर है, जहां समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं भ्रमण किया था. यात्रा के दौरान पोखरा में चार हंस भी छोड़े गए थे.जिससे इसकी सुंदरता और पहचान और बढ़ी थी.लेकिन वर्तमान स्थिति ने उस पूरे प्रयास पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पोखरा का पानी धीरे-धीरे सूख रहा है. जिससे न सिर्फ सौंदर्य प्रभावित हो रहा है बल्कि पर्यावरण संतुलन भी बिगड़ रहा है.लोगों ने मांग की है कि मोटर के माध्यम से पोखरा में नियमित रूप से पानी छोड़ा जाए ताकि जलस्तर बना रहे.पोखरा परिसर में लगाए गए ओपन जिम के उपकरणों की स्थिति भी बेहद खराब है. महज दस माह के भीतर ही कई उपकरण टूट चुके हैं.लोगों का आरोप है कि सौंदर्यीकरण के नाम पर घटिया गुणवत्ता के उपकरण लगाए गए.जो टिकाऊ साबित नहीं हो रहे हैं.सुबह के समय विभिन्न मुहल्लों से बड़ी संख्या में लोग इस परिसर में व्यायाम और टहलने के लिए आते हैं, लेकिन टूटे उपकरण और खराब रोशनी के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.इतना ही नहीं शुद्ध पेयजल के लिए लगाए गए मोटर भी लंबे समय से बंद पड़े हैं. पानी की टंकी क्षतिग्रस्त हो जाने के बाद भी आज तक उसकी मरम्मत या नई टंकी की व्यवस्था नहीं की गई है. इससे खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी दिक्कत हो रही है.स्थानीय लोगों का कहना है कि सौंदर्यीकरण के दौरान करीब 60 लाख रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत देखकर ऐसा लगता है कि रखरखाव और गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया.लोगों ने डीएम से मांग की है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पोखरा परिसर की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए.असमाजिक तत्वों द्वारा स्ट्रीट लाइट तोड़े जाने की सूचना मिलते ही कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. विपिन कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूरे प्रकरण की जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपी जाए ताकि दोषियों पर कार्रवाई की जा सके और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई सुनिश्चित की जा सके.
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