प्रतिबंध के बाद भी वाहनों में काले शीशे उपयोग
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 15 Oct 2024 8:39 PM
जिले में खुलेआम लोग अपनी गाड़ी में काला शीशा लगा कर बेखौफ घूम रहे हैं लेकिन इस मामले में प्रशासन गंभीर नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने काला शीशा पर प्रतिबंध लगाया गया है. केवल नेता या आम लोग लोग ही नहीं बल्कि कानून की रक्षक कहे जाने वाली पुलिस भी नियम तोड़ रही है. लोगो के साथ साथ पुलिस वाले अपने लग्जरी चारपहिया वाहन में काली फिल्म लगाकर घुमते कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं .
संवाददाता,सीवान. जिले में खुलेआम लोग अपनी गाड़ी में काला शीशा लगा कर बेखौफ घूम रहे हैं लेकिन इस मामले में प्रशासन गंभीर नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने काला शीशा पर प्रतिबंध लगाया गया है. केवल नेता या आम लोग लोग ही नहीं बल्कि कानून की रक्षक कहे जाने वाली पुलिस भी नियम तोड़ रही है. लोगो के साथ साथ पुलिस वाले अपने लग्जरी चारपहिया वाहन में काली फिल्म लगाकर घुमते कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं . बताया जाता है कि न्यायालय ने काली फिल्म वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया है.न्यायालय के आदेश के बाद भी पुलिस व परिवहन विभाग कोई कार्रवाई नही कर रही है. जिसका नतीजा है कि चारपहिया वाहन मालिक काली फिल्म व सायरन लगाकर बेखौफ होकर घुमते कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं. लग्जरी कार के शीशे में काली फिल्म लगाना गैरकानूनी पुलिस केवल चौक. चौराहो पर तीन सवारी व बिना लाइसेंस व हेलमेट को लेकर कार्रवाई करती है. वहीं पुलिसकर्मी भी अपनी चारपहिया वाहन में काली फिल्म लगाकर शहर व जिले के बाहर आना. जाना करते हैं, लेकिन इसे रोकटोक करने वाला कोई नहीं है. बताया जाता है कि लग्जरी कार के शीशे में काली फिल्म लगाई जाती है. यह पूरी तरह गैर कानूनी है. काली फिल्म वाले शीशा लगे वाहनों पर सवार अपराधी अपराध को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं. कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, पहचान छिपाने के लिए ऐसे वाहनों का उपयोग काला शीशा लगे वाहन के अंदर कौन है, अपराधी हैं या वीआईपी, इसका पता न तो पुलिस को चल पाता है न लोगों को. काला शीशा लगे वाहनों का उपयोग अक्सर आपराधिक गतिविधियों के लिए होता आया है. कारों से हत्या और अपहरण की वारदातों को अंजाम दिया जा सकता है. आपराधिक चरित्र वाले लोग अपनी पहचान छिपाने के लिए ऐसे वाहनों का उपयोग करते हैं.यदि घटनाओं पर गौर करें तो बीते दिनों ऐसी कई घटनाएं काला शीशा जे पीछे हो चुकी हैं . यह हैं प्रमुख नियम :- केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली 1989 के नियम 100 के तहत वाहनों की खिड़कियों के शीशे काले या रंगीन नहीं होने चाहिए. :- वाहनों की खिड़कियों के साइड विंडो शीशा कम से कम 50 प्रतिशत और सामने और पीछे का शीशा 70 प्रतिशत पारदर्शी होना चाहिए. :- केंद्रीय मोटरवाहन नियमावली 1989 के नियम के तहत वाहनों में लगे काले शीशे को हटाने का प्रावधान है. :- मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 177 और 179 के तहत काला शीशा लगाने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है. बोले जिम्मेवार जिन गाडिय़ों पर मैन्यूफैक्चरिंग कंपनी ने तय लिमिट के अनुसार काले शीशे लगा रखे हैं, उन गाडिय़ों पर पाबंदी नहीं है. जिन्होंने अलग से ब्लैक फिल्म लगा रखी हैं. जांच अभियान चला कर कार्रवाई की जायेगी. अर्चना कुमारी,एडीटीओ,जिला परिवहन, सीवान
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