पंचायत सचिव गये हड़ताल पर

Published by : DEEPAK MISHRA Updated At : 02 May 2025 9:30 PM

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अपनी मांगों को लेकर पंचायत सचिव शुक्रवार से हड़ताल पर चले गये. हड़ताल के पहले दिन पटना में आयोजित एक दिवसीय धरना में हिस्सा लेने के लिये पंचायत सचिव यहां से एक साथ रवाना हुए.पंचायत सचिवों के हड़ताल पर चले जाने के चलते पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं के प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो गयी है.

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प्रतिनिधि,सीवान.अपने मांगों को लेकर पंचायत सचिव शुक्रवार से हड़ताल पर चले गये. हड़ताल के पहले दिन पटना में आयोजित एक दिवसीय धरना में हिस्सा लेने के लिये पंचायत सचिव यहां से एक साथ रवाना हुए.पंचायत सचिवों के हड़ताल पर चले जाने के चलते पंचायतों में संचालित विकास योजनाओं के प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. बिहार राज्य पंचायत सचिव संघ के जिलाध्यक्ष इंद्रदेव यादव के नेतृत्व में पटना के लिए रवाना हुए.जहां पंचायत सचिव गर्दनीबाग में महाधरना दिए .जिसके बाद हड़ताल शुरू हो गई. जिलाध्यक्ष इंद्रदेव यादव ने बताया कि हमलोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. बीते दिनों हमलोगों ने सरकार के समक्ष अपनी नौ सूत्री मांगों को रखा था. जिसमे पंचायत सचिवों का स्थानांतरन एवं पदस्थापन नियमावली बनाने, पंचायत सचिवों का ग्रेड-पे-2000 से बढ़ाकर 2800 करने, पंचायत सचिवों का सेवा के लिए संपुष्टि अभियान चला कर करने और 2000 रुपये यात्रा भत्ता देने, बकाया वेतन एवं सेवानिवृत्तों का सेवांत लाभ का भुगतान जल्द किया जाय, कार्यरत सेवानिवृत एवं मृत पंचायत सचिवों को एसीपी एवं एमएसीपी का लाभ दी जाय, प्रखंड, पंचायत राज पदाधिकारी के पद पर प्रोन्नति के उम्र सीमा 55 वर्ष समाप्त करते हुए पदोन्नति देने आवासन में सुरक्षा की गारन्टी दी जाए और पंचायत सचिवों को अभिकर्ता कार्य से मुक्त करनेकी मांगे शामिल थी.जिसको लेकर कई बार धरना प्रदर्शन भी किया लेकिन हमारी मांगे पूरी नही हुई.जिसके कारण दो मई से हमलोग अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. इस मौके पर मुकेश कुमार, पप्पू कुमार, रंजनाश्री ,सत्यम कुमार सिंह, अमरेंद्र कुमार, चंदन कुमार, कुंदन कुमार ,बबलू गोंड, विनय कुमार, शिशिर कुमार ,अलका कुमारी, ज्योति कुमारी, प्रियंका कुमारी, सुभाष कुमार ,चिंटू मिश्रा सहित जिले के सभी पंचायत सचिव उपस्थित थे. उधर आवश्यक कार्य से प्रखंड कार्यालयों में पहुंचे ग्रामीणों को पंचायत सचिवों से मुलाकात नहीं होने पर निराश होकर लौटना पड़ा.इस बीच यह कहा जा रहा है कि अगर पंचायत सचिवों का हड़ताल लंबा खिंच गया तो गांवों में संचालित विकास योजनाओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा.पंचायतों में वित्तिय लेनदेन पंचायत सचिव व मुखिया के संयुक्त हस्ताक्षर से होते हैं.ऐसे में पंचायत सचिवों का हड़ताल इसे प्रभावित करेगा.

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