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मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट अपलोड नहीं करने वाले एचएम नपेंगे

Updated at : 10 Nov 2024 8:57 PM (IST)
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मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट अपलोड नहीं करने वाले एचएम नपेंगे

मध्याह्न भोजन योजना की रिपोर्ट इ शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड नहीं करने वाले प्रधानाध्यापकों के विरूद्ध कार्रवाई करने की तैयारी विभागीय स्तर पर शुरू कर दी गयी है. विभागीय स्तर पर ऐसे प्रधानाध्यापकों की प्रतिदिन की रिपोर्ट तैयार की जा रही है. कारण कि विभागीय निर्देश के बावजूद इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर प्रतिदिन एमडीएम का डाटा अपलोड करने वाले विद्यालयों की संख्या काफी कम है.

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सीवान. मध्याह्न भोजन योजना की रिपोर्ट इ शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड नहीं करने वाले प्रधानाध्यापकों के विरूद्ध कार्रवाई करने की तैयारी विभागीय स्तर पर शुरू कर दी गयी है. विभागीय स्तर पर ऐसे प्रधानाध्यापकों की प्रतिदिन की रिपोर्ट तैयार की जा रही है. कारण कि विभागीय निर्देश के बावजूद इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर प्रतिदिन एमडीएम का डाटा अपलोड करने वाले विद्यालयों की संख्या काफी कम है. जिला में 24 सौ से अधिक प्रारंभिक विद्यालयों में एमडीएम के संचालन होने का विभाग का दावा है. डीपीओ (एमडीएम) जय कुमार ने बताया कि प्रतिदिन मध्याह्न भोजन योजना से लाभांवित बच्चों की संख्या इ शिक्षाकोष पोर्टल पर अनिवार्य रूप से ऑल लाइन दर्ज करना है. इस संबंध में 31 जुलाई को मध्याह्न भोजन योजना के निदेशक द्वारा पत्र जारी किया गया था. जिसके बाद से सभी मध्याह्न भोजन योजना से आच्छादित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को योजना से लाभांवित बच्चों की संख्या इ शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दर्ज करने हेतु आवश्यक निदेश लगातार दिये जाते रहे है. बावजूद इसके जिले के शत-प्रतिशत विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों द्वारा नियमित रूप से मध्याह्न भोजन योजना से लाभांवित बच्चों की संख्या को इ शिक्षाकोष पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा रहा है. डीपीओ ने बताया कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के आदेशानुसार अब आइवीआरएस का अवधि विस्तार नहीं किया जाएगा. बताते चलें कि आइवीआरएस के तहत प्रतिदिन एमडीएम विभाग से प्रधानाध्यापक को विभाग से कॉल आता है, जहां एमडीएम से लाभांवित बच्चों की संख्या को बताना होता है. इधर विभाग इस विकल्प को खत्म कर रहा है और इसके स्थान पर मध्याह्न भोजन योजना से लाभांवित बच्चों की संख्या को प्रतिदिन ई-शिक्षाकोष पर अनिवार्य रूप से आनलाइन दर्ज करना है. डीपीओ ने बताया कि इ-शिक्षाकोष पोर्टल पर लॉगिन पश्चात लाभान्वित बच्चों की संख्या के संदर्भ में विकल्प आयेंगे, जिसको क्लिक कर अपलोड करना होगा. डीपीओ जय कुमार की माने तो विभागीय निर्देश के बाद भी संबंधित प्रधानाध्यापक दर्ज नहीं कर आदेश की अवहेलना कर रहे हैं. बताया कि आंकडे प्रविष्ट नहीं करने वाले प्रधानाध्यापक के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निदेश प्राप्त है. जिसके आलोक में इ शिक्षाकोष पोर्टल पर आंकड़ा अपलोड नहीं करने वाले प्रधानाध्यापकों की सूची तैयार की जा रही है. डीपीओ ने बताया कि मामले में सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, सभी प्रखंड साधन सेवी, शिक्षा विभाग द्वारा प्राधिकृत सभी विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे उपरोक्त का अनुपालन सुनिश्चित कराये. साथ ही एमडीएम से लाभांवित बच्चों की संख्या ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज नहीं करने वाले विद्यालयों को चिह्नित कर उस विद्यालय का अनिवार्य रूप से स्थलीय निरीक्षण कर यदि कोई समस्या हो तो उसका निराकरण करें तथा लापरवाही बरतने वाले विद्यालय के प्रधानाध्यापकों की सूची कार्यालय को करायें, ताकि दोषियों के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनिक कार्रवाई की जा सके. डीपीओ ने बताया कि दिसंबर से आइवीआरएस को समाप्त कर दिया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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