सीवान: सीएमआर आपूर्ति नहीं करने पर चार पैक्स के खिलाफ कार्रवाई, छह माह के लिए बोर्ड भंग

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सहकारिता कार्यालय सीवान

सीवान जिले में खरीफ विपणन मौसम के तहत धान अधिप्राप्ति से जुड़े सीएमआर की आपूर्ति में लापरवाही के कारण चार पैक्स के बोर्ड को छह महीने के लिए भंग कर दिया गया है. इस कार्रवाई से समितियों पर ब्याज का बोझ बढ़ेगा और किसानों के हित प्रभावित होंगे.

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Siwan News: सीवान जिले में खरीफ विपणन मौसम के तहत धान अधिप्राप्ति से जुड़े कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) की आपूर्ति में घोर लापरवाही बरतने पर जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने जिले के चार पैक्स के बोर्ड छह माह के लिए भंग कर दिए हैं. यह दंडात्मक कार्रवाई शनिवार को सीएमआर आपूर्ति की विस्तृत समीक्षा के बाद की गई है. आधिकारिक आदेश के अनुसार बोर्ड भंग होने के बावजूद संबंधित पैक्स के अध्यक्ष और प्रबंधक पर सीएमआर की शत-प्रतिशत आपूर्ति की विधिक जिम्मेदारी पूर्व की तरह बनी रहेगी.

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समीक्षा में सामने आई लापरवाही

विभागीय समीक्षा में पाया गया कि जिले के विभिन्न प्रखंडों की कई समितियों द्वारा छह या उससे अधिक लॉट सीएमआर की आपूर्ति लंबित है. इनमें से चार पैक्स ऐसे पाए गए, जहां समिति स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आई और इसी आधार पर उनके बोर्ड भंग किए गए हैं. इनमें दरौली प्रखंड का हरनाटार पैक्स (7 लॉट लंबित), जीरादेई प्रखंड का नरेन्द्रपुर पैक्स (6.75 लॉट लंबित), बड़हरिया प्रखंड का बहुआरा कादिर पैक्स (6 लॉट लंबित) और गोरेयाकोठी प्रखंड का कर्णपुरा पैक्स (5 लॉट लंबित) शामिल हैं.

समितियों पर बढ़ा ब्याज बोझ

जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि समय पर सीएमआर आपूर्ति नहीं होने से संबंधित सहकारी समितियों पर वित्तीय ब्याज का बोझ लगातार बढ़ रहा है. इससे समिति और उसके किसान सदस्यों के आर्थिक हित बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. यह कृत्य पूरी तरह से विभागीय निर्देशों एवं सहकारिता उपविधियों का खुला उल्लंघन है. इसी आधार पर इन चारों पैक्स के बोर्ड को 11 जुलाई से अगले छह माह के लिए तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है.

पांच वर्षों के लिए अयोग्यता

सहकारिता विभाग द्वारा जारी आदेश में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि संबंधित पैक्स निर्धारित समय के भीतर सीएमआर की लंबित आपूर्ति पूरी नहीं करते हैं, तो उनके अध्यक्ष एवं निदेशक मंडल के सभी सदस्य स्वतः अगले पांच वर्षों तक किसी भी सहकारी समिति के बोर्ड का चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह अयोग्य हो जाएंगे. जिला प्रशासन ने सभी संबंधित डिफॉल्टर समितियों को लंबित सीएमआर की आपूर्ति युद्धस्तर पर शीघ्र पूरी करने का सख्त निर्देश दिया है.

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