पोर्टल पर फर्जी डेटा अपलोड करने पर होगी कार्रवाई
Published by : DEEPAK MISHRA Updated At : 23 Nov 2025 8:14 PM
इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर फर्जी डेटा अपलोड करने वाले हेडमास्टरों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में शिक्षा विभाग के पीएम पोषण निदेशक विनायक मिश्र ने डीपीओ एमडीएम को निर्देश दिया है.
सीवान. इ-शिक्षा कोष पोर्टल पर फर्जी डेटा अपलोड करने वाले हेडमास्टरों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी. इस संबंध में शिक्षा विभाग के पीएम पोषण निदेशक विनायक मिश्र ने डीपीओ एमडीएम को निर्देश दिया है. निदेशक ने कहा है कि निर्धारित समय सीमा के बाद भेजी गयी रिपोर्ट को मान्य नहीं किया जायेगा. ऐसे विद्यालयों को परिवर्तन मूल्य (कन्वर्जन कॉस्ट) का भुगतान नहीं किया जायेगा. निर्देश में कहा है कि विद्यालयों को प्रतिदिन भोजन पकने, वितरण होने, लाभान्वित बच्चों की संख्या, उपस्थिति तथा अन्य संबंधित गतिविधियों की सही-सही प्रविष्टि करनी है. विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से न केवल भोजन वितरण की वास्तविक स्थिति की निगरानी आसान होगी, बल्कि छात्रों उपस्थिति और भुगतान प्रक्रिया भी समय पर पूरी की जा सकेगी. निदेशक ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई विद्यालय गलत प्रविष्टि,स्कूल को जानबूझकर बाधित करना और फर्जी आंकड़ा अपलोड करता है, तो संबंधित प्रधानाध्यापक व जिम्मेदार कर्मियों पर कार्रवाई की जायेगी. रिपोर्टिंग में लापरवाही को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जायेगा. निदेशक ने जारी निर्देश में कहा है कि ई-शिक्षा कोष पर प्राप्त दैनिक रिपोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की जाती है. समीक्षा बैठक में यह पाया गया कि कई विद्यालय समय पर रिपोर्ट नहीं भेजते, अधूरी जानकारी दर्ज करते हैं या देर रात के बाद (कई बार आधी रात के बाद) भी डेटा अपलोड करते हैं. देर से रिपोर्ट भेजे जाने के कारण भोजन वितरण की वास्तविक स्थिति और भुगतान प्रक्रिया प्रभावित होती है. ऐसे में योजनाओं के संचालन की पारदर्शिता और प्रभावशीलता दोनों पर असर पड़ता है. इन समस्याओं को दूर करने और मध्याह्न भोजन योजना को बेहतर तरीके से लागू करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने रिपोर्टिंग समय का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है. निदेशक ने सभी सरकारी स्कूलों से अपील किया है कि वे इस दिशा में गंभीरता दिखाएं तथा पोर्टल पर रोजाना समय पर अपडेट दें. जिससे बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सके और योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित रहे. क्या कहते है जिम्मेदार एमडीएम निदेशक द्वारा जारी पत्र के आलोक में जिले के सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि चार बजे से पहले एमडीएम से संबंधित आंकड़े शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज कर दें. अन्यथा कन्वर्जन कॉस्ट का भुगतान नहीं किया जायेगा. साथ ही संबंधित प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की जायेगी. जय कुमार डीपीओ, एमडीएम
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