ऑपरेशन सवेरा: आर्केस्ट्रा की आड़ में शोषित हो रही 52 बेटियों को मिली नयी जिंदगी

Published by : ALOK KUMAR Updated At : 14 May 2026 9:06 PM

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अनैतिक देह व्यापार एवं मानव संसाधन को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए चलाये जा रहे ऑपरेशन “नया सबेरा ” के तहत पुलिस ने अप्रैल महीने में बड़ी कार्रवाई करते हुए देह व्यापार व आर्केस्ट्रा के दलदल में फंसी 52 बेटियों को मुक्त कराया है

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: अप्रैल माह में नाबालिग सहित 52 बेटियों को दलदल से कराया गया मुक्त

: अब भी छापेमारी जारी,आर्केस्ट्रा संचालकों में दहशत

प्रतिनिधि, सीवान. अनैतिक देह व्यापार एवं मानव संसाधन को प्रभावी ढंग से रोकने के लिए चलाये जा रहे ऑपरेशन “नया सबेरा ” के तहत पुलिस ने अप्रैल महीने में बड़ी कार्रवाई करते हुए देह व्यापार व आर्केस्ट्रा के दलदल में फंसी 52 बेटियों को मुक्त कराया है. पुलिस की लगातार छापेमारी और गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में कई नाबालिग लड़कियों को भी बचाया गया, जिन्हें नौकरी, शादी और प्रेमजाल के नाम पर इस काले कारोबार में धकेल दिया गया था. 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चले विशेष अभियान के दौरान जिले के विभिन्न थाना क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक कांड दर्ज किये गये. पुलिस ने तकरीबन एक दर्जन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

इधर मुक्त कराई गयी बेटियों को न्यायालय के आदेश पर उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया. वहीं मानव तस्करी और शोषण के खिलाफ चलाये गये अभियान में मुक्त करायी गयी पीड़िताओं के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है. फिलहाल सभी पीड़िताओं की स्वास्थ्य जांच करायी गयी है तथा उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध करायी गयी है. एसपी पुरन कुमार झा ने बताया कि पुलिस प्रशासन का उद्देश्य केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़िताओं की सुरक्षा, पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता है.

किसी को रोजगार का झांसा तो कई प्रेमजाल में मिले धोखे की हुई शिकार-

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रेस्क्यू की गई कई बेटियां मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की शिकार थीं. किसी को बेहतर रोजगार का सपना दिखाकर यहां लाया गया तो कोई प्रेम संबंधों के जाल में फंसकर कोठों तक पहुंच गई. इन लड़कियों ने जो दर्द बयां किया, उसने पुलिस और प्रशासन को भी झकझोर दिया. सरकारी प्रावधान के अनुसार जरूरतमंद नाबालिग पीड़िताओं को भारत सरकार की “मिशन शक्ति” योजना के अंतर्गत इन बेटियों को “उज्ज्वला योजना”, “स्वाधार गृह योजना” और “शक्ति सदन” जैसी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

आर्केस्ट्रा संचालकों में दहशत,शादी विवाह में नही पहुंच पा रही टीम-

शादी-विवाह के सीजन में आर्केस्ट्रा संचालकों और कलाकारों के बीच इन दिनों भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है. लगातार प्रशासनिक सख्ती, देर रात जांच अभियान और रास्तों में हो रही रोक-टोक के कारण कई आर्केस्ट्रा टीमें तय कार्यक्रमों में नहीं पहुंच पा रही हैं. इसका सीधा असर शादी समारोहों पर पड़ रहा है. आर्केस्ट्रा संचालकों का कहना है कि रात में जांच और स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों की वजह से कलाकारों की आवाजाही प्रभावित हो रही है. कई बार टीमों को बीच रास्ते में रोक दिया जाता है, जिससे कार्यक्रम में देरी हो जाती है. कुछ मामलों में आयोजकों को कार्यक्रम रद्द तक करना पड़ा. संचालकों के अनुसार, इस स्थिति से उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है. एक संचालक ने बताया कि शादी सीजन में ही उनकी सबसे अधिक कमाई होती है, लेकिन मौजूदा हालात के कारण कई बुकिंग प्रभावित हो रही हैं.

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बोले एसपी-

जिले में पुलिस का ‘ऑपरेशन सवेरा’ लगातार जारी है. अप्रैल माह में 52 पीड़ित बेटियों को सुरक्षित मुक्त कराया गया है. जिन्हें न्यायालय के आदेशानुसार अभिभावकों को सौंप दिया गया.

पुरन कुमार झा,एसपी

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