नदी में फेंकी गयी घर की लक्ष्मी, तमाशा देखने जुटी भारी भीड़

सीवान : भले ही हम लाख तरक्की की बात कहें, मंगल ग्रह पर कदम रखने के दावे करें. बेटियों को पूजने की बात कहें. लेकिन, आज भी बेटियों को बोझ की नजर से देखा जाता है. बदलते दौर में भी बेटियों की किस्मत नहीं बदली है. बिहार के सीवान जिले से सामने आयी एक घटना […]
सीवान : भले ही हम लाख तरक्की की बात कहें, मंगल ग्रह पर कदम रखने के दावे करें. बेटियों को पूजने की बात कहें. लेकिन, आज भी बेटियों को बोझ की नजर से देखा जाता है. बदलते दौर में भी बेटियों की किस्मत नहीं बदली है. बिहार के सीवान जिले से सामने आयी एक घटना ने बेटियों को बोझ समझने की समाज की मानसिकता को फिर उजागर करके रख दिया है. यहां एक नवजात बच्ची को नदी में फेंके जाने की खबर मिलने पर सनसनी फैल गयी. बच्ची को देखने के लिए बड़ी संख्या में तमाशबनी जुटे और कुछ देर बाद सभी वापस लौट गये. किसी के चेहरे पर सवाल का जवाब नहीं था कि आखिर कब तक घर की लक्ष्मी मानी जाने वाली बेटियों को ऐसे रवैये का सामना करना पड़ता रहेगा.
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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