ePaper

जेल में बंद शहाबुद्दीन ने दी धमकी, कहा- नहीं है कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट का डर

Updated at : 14 Dec 2018 11:12 PM (IST)
विज्ञापन
जेल में बंद शहाबुद्दीन ने दी धमकी, कहा- नहीं है कंटेंप्ट ऑफ कोर्ट का डर

सीवान : पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की ओर से सीवान कोर्ट के एपीओ को धमकी देने का मामला प्रकाश में आया है. आरोप है कि मंडलकारा में गठित विशेष न्यायाधीश सह प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद शुक्ल की अदालत में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के खिलाफ सुनवाई चल रही थी. इसी दौरान शहाबुद्दीन ने अभियोजन […]

विज्ञापन

सीवान : पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की ओर से सीवान कोर्ट के एपीओ को धमकी देने का मामला प्रकाश में आया है. आरोप है कि मंडलकारा में गठित विशेष न्यायाधीश सह प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद शुक्ल की अदालत में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के खिलाफ सुनवाई चल रही थी. इसी दौरान शहाबुद्दीन ने अभियोजन के अधिवक्ताओं को धमकी दी. अभियोजन का कहना है धमकी के दौरान शहाबुद्दीन ने कहा कि मुझे कोर्ट ऑफ कंटेम्प्ट का डर नहीं है. मैं चार साल के बाद जेल से बाहर हो जाऊंगा. विशेष लोक अभियोजक रामराज प्रसाद ने उक्त न्यायालय में सत्र वाद संख्या 287/7 में लिखित आवेदन के माध्यम से भी धमकी की जानकारी दी है. धमकी मिलने के बाद अभियोजन के अधिवक्ताओं में हड़कंप है.

मालूम हो कि शुक्रवार को मंडल कारा में पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के मामलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवायी चल रही थी. अभियोजन की ओर से पटना से आ रहे विशेष लोक अभियोजक जयप्रकाश सिंह, सीवान सिविल कोर्ट के विशेष सहायक अभियोजक रघुवर सिंह व रामराज सिंह सुनवायी के दौरान मौजूद थे. इसी दौरान वीसी पर शहाबुद्दीन द्वारा अभियोजन के अधिवक्ताओं को धमकी दी गयी. अधिवक्ताओं का कहना है कि अभियोजन के आवेदन पर बीते 30 नवंबर को कोर्ट ने तत्कालीन थानाध्यक्ष हुसैनगंज शिवजी सिंह को वाहन व स्कॉट पार्टी उपलब्ध कराने का निर्देश एसपी को दिया था. जिस पर एसपी ने शुक्रवार को स्कॉट पार्टी शिवजी सिंह को लाने के लिए मोतिहारी भेजा था, लेकिन गवाह अवकाश प्राप्त दारोगा शिवजी सिंह बीमार रहने के कारण गवाही के लिए न्यायालय में नहीं पहुंच सके. गवाह को प्रतापपुर गोली कांड के मामले में गवाही देनी थी.

अधिवक्ताओं का आरोप है कि इसकी जानकारी होने पर शहाबुद्दीन ने नाराजगी जताते हुए अभियोजन के अधिवक्ताओं को धमकाया. आरोप है कि शहाबुद्दीन ने यहां तक कह दिया कि कोर्ट ऑफ कंटेम्प्ट का मुझे भय नहीं. मैं चार साल बाद जेल से बाहर आ जाऊंगा. इधर अधिवक्ताओं ने धमकी मिलने के बाद इसकी लिखित शिकायत कोर्ट में न्यायाधीश से करते हुए बताया कि इसका पूरा साक्ष्य वीडियो कांफ्रेंसिंग व कैमरे में है. गौरतलब है कि 16 मार्च, 2002 को शहाबुद्दीन के गांव प्रतापपुर में पुलिस व शहाबुद्दीन समर्थकों के बीच घंटों मुठभेड़ हुई थी. जिसमें पुलिस व शहाबुद्दीन के शूटरों की मौत हो गयी थी. इस मामले में शहाबुद्दीन की वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा तिहाड़ केंद्रीय कारा से जेल कोर्ट में पेशी करायी गयी थी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन