प्लास्टिक की पाइप को क्षतिग्रस्त होता देख विभाग हुआ सख्त

Updated at : 01 Sep 2018 12:42 AM (IST)
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प्लास्टिक की पाइप को क्षतिग्रस्त होता देख विभाग हुआ सख्त

सीवान : अब पंचायत राज विभाग व पीएचईडी ने प्लास्टिक की पाइप को क्षतिग्रस्त होता देख सख्त हो गया है. इसको देखते हुए नल जल योजना के तहत लाभुक के घरों तक लोहे के पाइप से कनेक्शन होगा. कनेक्शन के दौरान पाइप की ढ़लाई भी करनी है. यहीं नहीं जहां पहले तीन स्थानों तक जल […]

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सीवान : अब पंचायत राज विभाग व पीएचईडी ने प्लास्टिक की पाइप को क्षतिग्रस्त होता देख सख्त हो गया है. इसको देखते हुए नल जल योजना के तहत लाभुक के घरों तक लोहे के पाइप से कनेक्शन होगा. कनेक्शन के दौरान पाइप की ढ़लाई भी करनी है. यहीं नहीं जहां पहले तीन स्थानों तक जल लगाये जा रहे थे. वहां अब एक ही नल लगाया जायेगा. समाहरणालय स्थित सभागार में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों तथा हर घर-नल का जल योजना से जुड़े कनीय अभियंताओं को गहन प्रशिक्षण दिया गया.

बीडीओ, जेई एवं बीपीआरओ को विभाग द्वारा संशोधित मानक प्राक्कलन तथा मार्गदर्शिका के अनुसार हर घर-नल का जल योजना का क्रियान्वयन करने के संबंध में उपविकास आयुक्त सुनील कुमार, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सुनील कुमार तथा पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार अखिलेश ने गहन प्रशिक्षण दिया. प्रशिक्षण कार्यशाला में बीडीओ, जेई व बीपीआरओ को जानकारी दी गयी कि हर घर-नल का जल योजना के कार्यान्वयन हेतु लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा तैयार कर उपलब्ध करागा संशोधित मानक प्राक्कलन को पंचायती राज विभाग ने स्वीकृति प्रदान कर दी है . जिससे अब इस योजना का क्रियान्वयन संशोधित मानक प्राक्कलन के अनुसार ही किया जायेगा. पहले के तुलना में संशोधित मानक प्राक्कलन में प्राक्कलित राशि में कुछ इजाफा किया गया है .

अधिकारियों ने कहा कि अब जलापूर्ति के लिए प्रति परिवार महज एक कनेक्शन : प्रशिक्षण कार्यशाला में पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता अनिल कुमार अखिलेश ने जानकारी दी कि अब इस योजना के तहत प्रति लाभुक के घर में जलापूर्ति हेतु केवल एक ही कनेक्शन दिया जायेगा. जबकि पहले तीन कनेक्शन दिये जाने का प्रावधान था. हर घर-नल का जल से संबंधित पूर्ण की गयी योजनाओं के माध्यम से हो रहे जलापूर्ति में जलजमाव की शिकायत मिलने पर विभाग द्वारा उक्त निर्णय लिया गया है.

वहीं इस योजना के तहत वाटर टंकी रखने हेतु स्टील स्टेज को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है. वहीं इस योजना के तहत 10 हजार लीटर क्षमता वाली आइएसआइ मार्का वाटर टंकी लगाने का प्रावधान संशोधित मानक प्राक्कलन में किया गया है. जबकि पहले पांच हजार लीटर क्षमता वाली वाटर टंकी लगाने का प्रावधान था. वहीं स्टैंड पोस्ट तथा बोरिंग से वाटर टंकी तक तथा वाटर टंकी से वाटर सप्लाई तक जीआई पाइप से कनेक्शन को अनिवार्य कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि एचडीपीपी पाइप पर सीएमएल नंबर रहना जरूरी है . जो बीआईएस से रजिस्ट्रड हो. गुणवक्ता में किसी तरह की समझौता बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और बिल भी विभाग को पक्का उपलब्ध कराना होगा.

घर तक पक्की गली निर्माण में पेभर ब्लॉक को प्राथमिकता : उपविकास आयुक्त सुनील कुमार ने बताया कि घर तक पक्की गली के निर्माण में अब पीसीसी की बजाए पेभर ब्लॉक को प्राथमिकता दिया जाना है . पेभर ब्लॉक से निर्मित पक्की गली में जलजमाव की समस्या नहीं होगी . यह देखने में भी सुंदर लगेगा. इसके सामग्री का उपयोग जरूरत पड़ने पर दूसरे जगह भी किया जा सकता है. यह पानी को सोंखता है. हलांकि पेभर ब्लॉक से उसी गली का निर्माण किया जा सकता है, जहां केवल हल्के वाहनों की आवाजाही होती है . इस दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि प्रखंडस्तर पर भी प्रशिक्षण आयोजित कर इस संबंध में जानकारी दी जाये .

कनेक्शन के दौरान मिली शिकायत पर विभाग ने लिया निर्णय

तीन की जगह अब सिर्फ एक नल लगायेगा विभाग

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