देशभक्त संन्यासी व सनातन के ध्वजवाहक थे स्वामी विवेकानंद

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देशभक्त संन्यासी व सनातन के ध्वजवाहक थे स्वामी विवेकानंद

स्थानीय नगरपालिका मध्य विद्यालय में शुक्रवार को वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि विद्यालय प्रधान अंजू कुमारी के नेतृत्व में मनायी गयी.

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सीतामढ़ी. स्थानीय नगरपालिका मध्य विद्यालय में शुक्रवार को वेदांत के विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि विद्यालय प्रधान अंजू कुमारी के नेतृत्व में मनायी गयी. शिक्षक नित्यानंद सिंह ने बताया कि स्वामी जी की जीवनी हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है. शिक्षिका कुमारी रत्ना ने उनके कथन को उद्वित करते हुए कहा कि इनके कथन “उठो जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो जाए ” ऐसी उत्साहवर्धक बांनगी से हम सभी के अंदर वह ताकत और जोश भर जाती है, जिन्हें हमारी युवा पीढ़ी और बच्चे आत्मसात कर ले तो उनका भविष्य उज्जवल बन सकता है. शिक्षिका डॉ रेखा कुमारी जैन ने बच्चों से कहा कि विश्व समुदाय को हिंदू दर्शन के सिद्धांतों से अवगत कराने वाली शख्सियत और प्रचारक के रूप में विवेकानंद को जाना जाता है. वे सही मायने में देशभक्त सन्यासी और सनातन धर्म के ध्वजवाहक थे. कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय शिक्षिका पुष्पा कुमारी, पुनीता कुमारी, कुमारी रश्मि, अंजू रानी व अमृत चौधरी समेत बाल संसद के बच्चों ने अपनी भागीदारी निभायी.

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