सीतामढ़ी में सात फीसदी हुआ हरित आवरण

Updated at : 08 Mar 2025 10:16 PM (IST)
विज्ञापन
सीतामढ़ी में सात फीसदी हुआ हरित आवरण

पर्यावरण जीवन का मूल आधार है. इसके बगैर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती.

विज्ञापन

पर्यावरण : भारतीय वन सर्वेक्षण का रिपोर्ट जारी

डुमरा. पर्यावरण जीवन का मूल आधार है. इसके बगैर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती. सरकारी व निजी स्तर से पौधारोपण व इसके संरक्षण का परिणाम है कि सीतामढ़ी में 12.99 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है. केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने भारत वन स्थिति रिपोर्ट 2023 को भारतीय वन सर्वेक्षण ने जारी कर दिया है. इस रिपोर्ट के अनुसार, जिले के सात फीसदी भू-भाग पर वन फैला है. पर्यावरण के क्षेत्र में यह रिपोर्ट जिले में एक सकारात्मक संदेश दिया है. बताते चले कि पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए पेड़-पौधा के साथ-साथ जल संरक्षण व स्वच्छता की संस्कृति भी विकसित करना जरुरी है. हाल के वर्षों में कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन का संकट हमें प्रकृति व पर्यावरण के संबंध में सोचने का संकेत दिया है. — हरित आवरण बढ़ाने का किया जा रहा प्रयास

भारतीय वन सर्वेक्षण 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, जिले का भौगोलिक क्षेत्र 2623.34 वर्ग किलोमीटर है. कुल भौगोलिक क्षेत्र का 183.63 वर्ग किलोमीटर यानि सात प्रतिशत वन क्षेत्र है. हालांकि जनसंख्या के अनुरूप इसमें अभी वृद्धि की आवश्यकता है. जिले में हरित आवरण को बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग व ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा पौधारोपण कराया जा रहा है. जिले में जल जीवन हरियाली अभियान के तहत पौधारोपण, जल स्रोतों व ऊर्जा बचत की दिशा में प्रयास किया जा रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 के फरवरी माह तक वन विभाग ने 4 लाख 94 हजार 883 तो ग्रामीण विकास विभाग के मनरेगा योजना के तहत 5 लाख 67 हजार 600 पौधा लगाया है.

— सीतामढ़ी का भौगोलिक आंकड़ा

• भौगोलिक क्षेत्र- 2623.34 वर्ग किलोमीटर

• अत्यंत सघन वन- 00

• सामान्य सघन वन- 40.28 वर्ग किलोमीटर

• खुला वन- 143.35 वर्ग किलोमीटर

• कुल वन- 183.63 वर्ग किलोमीटर

• भौगोलिक क्षेत्र में वन का प्रतिशत- 7 फीसदी

— क्या कहते हैं अधिकारी

फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के वर्ष 2023 के रिपोर्ट के अनुसार, सीतामढ़ी में 12.99 फीसदी वन क्षेत्र में वृद्धि हुई है. यह उपलब्धि सरकार के द्वारा वन विभाग के विभिन्न योजनाओं के साथ-साथ विभिन्न विभागों के स्तर से कराये जा रहे पौधारोपण एवं निजी स्तर से किये जा रहे पौधारोपण का परिणाम हैं. जनसंख्या के अनुरूप इसमें वृद्धि हो इसके लिए आवश्यक हैं अधिक से अधिक पौधारोपण कर उसका संरक्षण करे.

डॉ अमिता राज, डीएफओ.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन