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समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के कारण महत्वपूर्ण है बज्जिका

Updated at : 23 Nov 2025 9:47 PM (IST)
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समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के कारण महत्वपूर्ण है बज्जिका

कार्यक्रम की अध्यक्षता बज्जिका शिरोमणि व साहित्यकार रामचंद्र महतो कुशवाहा ने की.

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सीतामढ़ी. बज्जिका साहित्य समाज के तत्वावधान में नेपाल के सर्लाही जिला मुख्यालय मलंगवा स्थित पार्टी पैलेस सभागार में कवि सदानंद अंतर्राष्ट्रीय बज्जिका सेवी पुरस्कार/सम्मान सह समर्पण समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता बज्जिका शिरोमणि व साहित्यकार रामचंद्र महतो कुशवाहा ने की. मंच संचालन बज्जिका साहित्य समाज जिला सर्लाही मलंगवा के सचिव मुकेश कुमार मिश्र द्वारा किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला समन्वय समिति सर्लाही के प्रमुख कौशल किशोर सिंह उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि बज्जिका भाषा अपने समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के कारण महत्वपूर्ण है. यह भाषा मैथिली व भोजपुरी जैसी अन्य भाषाओं के बीच एक सेतु का कार्य करती है. सीतामढ़ी जिले से अतिथि के रूप में आमंत्रित मो कमरुद्दीन नदाफ (शिक्षक सह कवि) को संस्था की ओर से अध्यक्ष रामचंद्र महतो कुशवाहा द्वारा फूल माला एवं चादर से सम्मानित किया गया. बज्जिका साहित्य समाज एवं भाषा विकास में उल्लेखनीय योगदान हेतु संस्था की ओर से प्रधान संपादक, साहित्यकार एवं कवि संजय साह मित्र को 50 हजार रुपये उपहार स्वरूप प्रदान किया गया. इस मौके पर नेपाल के सर्लाही, महोत्तरी, धनुषा, रौतहट, सिंधुली,उदयपुर सहित भारत के सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिले के साहित्यकारों, कवियों एवं शिक्षा प्रेमी मौजूद रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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