सीतामढ़ी के मंगल राज ने रचा इतिहास, ''''गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड'''' में दर्ज कराया अपना नाम

जिले के परसौनी प्रखंड के बलहा गांव निवासी स्व शशिशेखर सिंह एवं शिक्षिका रागिनी कुमारी के पुत्र मंगल राज ने इतिहास रच दिया है.
सीतामढ़ी. जिले के परसौनी प्रखंड के बलहा गांव निवासी स्व शशिशेखर सिंह एवं शिक्षिका रागिनी कुमारी के पुत्र मंगल राज ने इतिहास रच दिया है. अपनी कड़ी मेहनत और अटूट दृढ़ संकल्प से विश्व पटल पर भारत का नाम रौशन किया है. मंगल राज ने योगा में सिर के ऊपर दोनों पैर रखकर एक मिनट में सबसे अधिक पुश-अप्स की अत्यंत कठिन श्रेणी में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड -2025 अपने नाम कर लिया है. मंगल राज की यह यात्रा वर्ष 2022 में शुरू हुई थी. शुरुआत में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा आवेदन अस्वीकार होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. वर्ष 2023 में उनके दो रिकॉर्ड्स (हस्त मयूर आसन और पद्म मयूर आसन) को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान मिला, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा. व्यक्तिगत जीवन में पिता के देहांत और अन्य कठिन परिस्थितियों के बाद भी, अपनी मां और परिजनों की प्रेरणा से उन्होंने मुंबई लौटकर पुनः अभ्यास शुरू किया. मुंबई में अपने दोस्त मनीष के साथ निरंतर छह महीने के कठोर प्रशिक्षण के बाद मंगल ने 10 दिसंबर 2025 को अपना आधिकारिक प्रयास किया. 16 दिसंबर 2025 को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने आधिकारिक तौर पर उनके रिकॉर्ड को मंजूरी प्रदान की. मंगल राज अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय अपनी मां के आशीर्वाद, परिजनों के सहयोग और मित्रों के साथ को देते हैं. उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को अपने स्व पिता और अपनी जन्मभूमि सीतामढ़ी को समर्पित किया है. मंगल राज का कहना है कि कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस दिखाना ही आपकी इच्छाशक्ति की असली पहचान है. उनका अगला लक्ष्य मां सीता की कृपा से विश्व स्तर पर कुछ और नए कीर्तिमान स्थापित कर भारत का गौरव बढ़ाना है.
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