रामजानकी विवाहोत्सव शुरू

Published at :04 Dec 2016 5:37 AM (IST)
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रामजानकी विवाहोत्सव शुरू

विवाह पंचमी. मंगल गीतों के बीच मटकोर पूजा की हुई रस्म अदायगी सीतामढ़ी : सोहर-बधाइयां व मंगलगीतों के बीच मटकोर पूजन की रस्म अदायगी के साथ ही शनिवार की देर शाम जिले में दो दिवसीय श्रीराम-जानकी विवाहोत्सव का आगाज हो गया. इसके साथ ही इलाका विवाह पंचमी के उत्साह में डूब गया है. शहर के […]

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विवाह पंचमी. मंगल गीतों के बीच मटकोर पूजा की हुई रस्म अदायगी

सीतामढ़ी : सोहर-बधाइयां व मंगलगीतों के बीच मटकोर पूजन की रस्म अदायगी के साथ ही शनिवार की देर शाम जिले में दो दिवसीय श्रीराम-जानकी विवाहोत्सव का आगाज हो गया. इसके साथ ही इलाका विवाह पंचमी के उत्साह में डूब गया है. शहर के जानकी स्थान मंदिर व पुनौरा धाम मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परंपरागत तरीके से मटकोर पूजन की रस्म अदा की गई. इस दौरान ढोल- तासों के धुन पर महिलाएं जहां परंपरागत विवाह गीत गाती रहीं, वहीं नाचती भी रहीं.
पूरा इलाका भक्ति के रस में डूबा नजर आया. पुनौरा धाम में महंत कौशल किशोर दास व व्यवस्थापक श्रवण कुमार की मौजूदगी में मटकोर पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. मटकोर पूजन में दया देवी, रेणु देवी, सोनी देवी, शंकुंतला देवी, मंजू देवी, जानकी देवी, परमिला देवी, इला देवी, बिंदू देवी सुशीला देवी, शिव सागर देवी व कामिनी देवी आदि शामिल हुई. जबकि सहदेव राम, वीरेंद्र राम व रूदल राम की टीम ने शहनाई के जरिए शमा बांध दिया.
पंडित चंद्रमोहन मिश्र रविवार को इस समारोह में पंडित की भूमिका में होंगे. जबकि कथा व्यास मनोज यादव विवाहोत्सव समारोह में अहम भूमिका अदा करेंगे. मटकोर पूजन के दौरान पुनौरा धाम मंदिर परिसर में हजारों की भीड़ उमड़ी रहीं. उधर, जिले में विवाहोत्सव की तैयारी परवान पर है. जानकी स्थान व पुनौरा धाम मंदिर को दुल्हन की तरह सजाया गया है. श्री राम व जनकनंदनी माता जानकी के अमर विवाहोत्सव का प्रतीक विवाह पंचमी का त्योहार रविवार को मनाया जाएगा.
इस अवसर पर शहर स्थित जानकी स्थान मंदिर व पुनौरा धाम मंदिर से विवाहोत्सव के तहत बरात की शक्ल में अलग-अलग भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी. साथ ही पंचकोशी यात्रा का भी आयोजन किया जाएगा. विवाह पंचमी को लेकर सीतामढ़ी से पड़ोसी देश नेपाल के जनकपुर तक श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह है. शनिवार से ही श्रद्धालुओं का सैलाब बस व ट्रेन के अलावा सवारी गाड़ी पर सवार होकर माता जानकी की जन्मस्थली सीतामढ़ी के जानकी स्थान व पुनौरा धाम में पहुंचने लगा है.
जिला प्रशासन द्वारा विवाहपंचमी पर रविवार को निकलने वाले शोभा यात्रा को लेकर बड़ी संख्या में दंडाधिकारी व सशस्त्र बल की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है.
महाराष्ट्र से पहुंचा श्रद्धालुओं का जत्था : श्री राम-जानकी विवाहोत्सव में शामिल होने के लिए आस-पास के जिलों व नेपाल से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सीतामढ़ी पहुंच चूके है. हालांकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने का क्रम जारी है. इसी बीच महाराष्ट्र के सोलापुर व सिरडी से श्रद्धालुओं का कारवां साई बाबा की प्रतिमा व बसहा से सजे रथ लेकर सीतामढ़ी पहुंचा है. सोलापुर निवासी अंकुश भानू इंगानी के नेतृत्व में तकरीबन 20 दिनों की यात्रा कर सड़क मार्ग से पहुंचे महाराष्ट्र के श्रद्धालुओं का कारवां सीतामढ़ी में आहूत विवाहोत्सव समारोह में शामिल होने के बाद जनकपुर जाएगा और फिर सड़क मार्ग से ही महाराष्ट्र लौटेगा. श्रद्धालुओं ने बताया कि माता जानकी की जन्मस्थली पर पहुंचने और दर्शन के लिए महाराष्ट्र से सीतामढ़ी पहुंचे है.
पशु मेले का आगाज आज से : श्री राम जानकी विवाहोत्सव की याद में हर साल रीगा रोड के इलाके में लगने वाले श्रीराम जानकी पशु मेले में पशुओं की खरीद बिक्री पिछले तीन दिनों से जारी है, लेकिन मेले का विधिवत उद्घाटन रविवार को होगा. गोशाला परिसर में आयोजित समारोह में डीएम राजीव रौशन इसका उद्घाटन करेंगे. वर्तमान में मेले में बैलों की खरीद बिक्री के बीच घोड़े आकर्षण का केंद्र बन गए है. इस बार मेले में पड़ोसी जिलों से बड़ी संख्या में बिकने के लिए घोड़ों का जोड़ा भी पहुंचा है.
बताते चले की सीतामढ़ी में अंग्रेजी शासनकाल से ही विववाह पंचमी पर भव्य पशु मेला लगता रहा है. इस मेले को एशिया के सबसे बड़े बैल मेला होने का गौरव प्राप्त है. वैसे पूर्व में इस मेले का गौरवपूर्ण इतिहास रहा है. मेले में हाथी, घोड़ा, गाय, बैल, भैंस व अन्य पशुओं की खरीद-बिक्री होती थी. वहीं किसानों से संबंधित सामग्री भी उपलब्ध होती थी. लेकिन कालांतर में यह मेला केवल बैल मेला तक सिमट कर रह गया है. 2000 के दशक तक मेला महज खानापूर्ति तक सिमट गया था. हालांकि धीरे-धीरे इसके स्वरूप में बदलाव आ रहा है.
उत्साह में डूबा जनकपुर
भगवान श्री राम के ससुराल पड़ोसी देश नेपाल भी विवाहोत्सव के रंग में डूब गया है. जनकपुर में शुक्रवार से शुरू तीन दिवसीय विवाहोत्सव समारोह के दूसरे दिन शनिवार को भव्य समारोह के बीच मटकोर पूजन का आयोजन किया गया. जिसमें हजारों लोग शामिल हुए. रविवार को श्रीराम मंदिर से बरात की शक्ल में भव्य शोभा यात्रा निकलेगी.
गूंजने लगी शहनाई, लग्न की बेला आयी
पुनौरा धाम मंदिर में शहनाई बजाते कलाकार एवं मटकोर पूजन करतीं महिलाएं.
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