अब केकरा भरोसे जिबई हो राम...
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :16 Nov 2016 2:21 AM (IST)
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परिवार पर टूटा कहर . रमेश के घर से निकल रही चीत्कार से हर कोई गमगीन मृत बच्चों की मां संगीता का रो-रोकर बुरा हाल प्लाइवुड फैक्टरी में मजदूरी करता है पिता रमेश बैठा सीतामढ़ी/रीगा : अब केकरा भरोसे जिबई हो राम’, ‘कौनो हमरा बाबू सब के देखला द’. रीगा प्रखंड के बतरौलिया गांव में […]
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परिवार पर टूटा कहर . रमेश के घर से निकल रही चीत्कार से हर कोई गमगीन
मृत बच्चों की मां संगीता का रो-रोकर बुरा हाल
प्लाइवुड फैक्टरी में मजदूरी करता है पिता रमेश बैठा
सीतामढ़ी/रीगा : अब केकरा भरोसे जिबई हो राम’, ‘कौनो हमरा बाबू सब के देखला द’. रीगा प्रखंड के बतरौलिया गांव में रमेश बैठा के घर से निकल रहा यह चीत्कार रोड से गुजर रहे हर आने-जानेवालों को झकझोर रहा है. घर के आंगन में पुत्री मुस्कान, पुत्र धीरज व नीरज का शव पड़ा हुआ है. मां संगीता देवी का रो-रोकर बूरा हाल है. वह बार-बार बहोश हो जा रही है. पड़ोस की महिलाएं भी अपनी आंसू रोक नहीं पा रही है. गांव-टोला में एक हीं चर्चा है कि ‘हे भगवान रमेशवा के ई कैसन दिन देखैला’.
रमेश बैठा सीतामढ़ी के किसी प्लाइवुड फैक्टरी में दैनिक मजदूरी करता है. भरण-पोषण के लिए वह पत्नी व बाल बच्चा को घर पर छोड़ कर उक्त फैक्टरी में हीं रहता है. पड़ोसियों के मुताबिक रमेश प्रत्येक शुक्रवार को घर आता है और फिर रविवार की सुबह निकल जाता है. उसकी कमाई से बच्चे गांव के प्राइमरी स्कूल में पढ़ रहे थे.
पत्नी बच्चों के देखभाल के अलावा मवेशी की भी देखरेख करती है. परिवार पर दु:खों का पहाड़ टूट पड़ा है. भविष्य के सारे सपनें एक झटके में समाप्त हो चुके हैं. ग्रामीणों में यह चर्चा है कि घास काटने में मगन मां अगर सर्तक रहती तो तीनों संतान से हाथ नहीं धोना पड़ता, लेकिन होनी को भला कौन टाल सकता है.
धीरज को बचाने में गयी जान
परिजनों के अनुसार, स्नान करने के दौरान पहले धीरज पानी में उतरा. स्नान करने के क्रम में वह गहरे पानी में जाकर डूबने लगा. उसके बचाव में बहन मुस्कान बचाने में आगे बढ़ गयी और वह भी डूबने लगी. भाई-बहन को एक साथ डूबते देख नीरज भी कूद पड़ा और दोनों को बचाने का प्रयास करने लगा, लेकिन गहरे पानी के कारण तीनों भाई-बहन डूब गये.
विधायक ने जताया शोक, देंगे मदद राशि
विधायक अमित कुमार टुन्ना ने बतरौलिया में एक हीं परिवार के तीन भाई-बहन की डूब कर मौत होने की घटना पर दु:ख जताया है. उन्होंने प्रभात खबर को दूरभाष पर बताया कि दु:ख की इस घड़ी में वह पीड़ित परिवार के साथ हैं. किसी परिवार के लिए एक साथ तीन बच्चों की मौत काफी दु:खद घटना है. उन्होंने कहा कि वह अपने निजी कोष से मृतक के माता-पिता को आर्थिक सहयोग करेंगे. साथ हीं पीड़ित परिवार को सरकारी मुआवजा दिलाने के लिए वह अधिकारियों से भी मिलेंगे. उधर विधायक प्रतिनिधि योगेंद्र कुमार सिंह बतरौलिया पहुंच कर मृतक के परिजन से मिले और सांत्वना दी.
कबीर अंत्येष्टि से मिला नौ हजार
महेशिया पंचायत के मुखिया गणेश प्रसाद यादव ने मृतकों के परिजन को कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत नौ हजार रुपये प्रदान किये. वहीं पूर्व मुखिया दिनेश प्रसाद सिंह ने प्रशासन से मृतक के परिजन को पर्याप्त मुआवजा राशि देने की मांग की है. पूर्व विधायक मोतीलाल प्रसाद एवं भाजपा ग्रामीण मंडल के अध्यक्ष संजीव चौधरी ने भी एक साथ तीन बच्चों की डूब कर हुई मौत पर गहरी संवेदना प्रकट की है. उन्होंने प्रशासन से मृतक के परिजन को पर्याप्त मुआवजा देने की मांग की है.
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