तीन प्रखंडों में खाद्यान्न का उठाव ही नहीं

Published at :05 Oct 2016 5:05 AM (IST)
विज्ञापन
तीन प्रखंडों में खाद्यान्न का उठाव ही नहीं

दो प्रखंडों के डीलरों ने किया था उठाव 1.33 लाख क्विंटल खाद्यान्न के गबन का मामला संबंधित अवधि में मात्र 25 हजार क्विंटल का आवंटन काम न मिलने से पलायन को मजबूर मनरेगा मजदूर योजनाओं में गरीबों का शोषण सीतामढ़ी : रीगा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी ब्रजमोहन कुमार ने डेढ़ सौ एपीएल/बीपीएल योजनाओं के सच […]

विज्ञापन

दो प्रखंडों के डीलरों ने किया था उठाव

1.33 लाख क्विंटल खाद्यान्न के गबन
का मामला
संबंधित अवधि में मात्र 25 हजार क्विंटल का आवंटन
काम न मिलने से पलायन को मजबूर मनरेगा मजदूर
योजनाओं में गरीबों का शोषण
सीतामढ़ी : रीगा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी ब्रजमोहन कुमार ने डेढ़ सौ एपीएल/बीपीएल योजनाओं के सच को रेखांकित करते हुए कहा है कि गरीबों व बेरोजगारों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है. मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार व राज्य सरकारों द्वारा बेरोजगारों एवं गरीबों को रोजगार एवं बेहतर जीवन यापन के लिए एपीएल/बीपीएल परिवारों के लिए 150 योजनाओं से अधिक योजनाएं चलायी जा रही है.
उन योजनाओं के नामों की सूची जारी कर बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना अंतर्गत 67 फीसदी परिवारों को प्रत्येक वर्ष प्रत्येक परिवारों को 12 कूपन के बदले छह-सात बार ही खाद्यान्न मिलता है. पांच बार का खाद्यान्न जिसका बाजार भाव पांच हजार रुपये होता है वह प्रत्येक वर्ष गबन या शोषण हो जाता है. सवालिया लहजे में कहा कि यदि प्रत्येक वर्ष मात्र एक योजना में पांच हजार रुपये का शोषण होता है तो 150 योजनाओं में कितना होता होगा? इन 150 योजनाओं के साथ-साथ विद्युत, संचार, रेलवे, दाखिल खारिज, गैस सुविधा और जनवितरण प्रणाली के कार्यालयों एवं पदाधिकारियों द्वारा प्रत्येक दिन गरीबों एवं बेरोजगारों के उम्र और पैसा दोनों का शोषण
किया जा रहा है.
ब्रजमोहन ने प्रेस को बताया 150 योजनाओं का सच
करोड़ों के बंदरबांट का लगाया आरोप
कहा, जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारी तक मौन क्यों
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन