11 पंचायत भवनों के निर्माण पर ग्रहण

Published at :04 Oct 2016 3:53 AM (IST)
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11 पंचायत भवनों के निर्माण पर ग्रहण

गड़बड़ी. तालाब वाली जमीन की गयी आवंटित कार्यपालक अभियंता ने डीएम को रिपोर्ट भेज कर बताया है कि पंचायत सरकार के भवन के लिए आवंटित जमीन या तो तालाब है या फिर वहां गरीबों के घर पहले से मौजूद हैं़ सीतामढ़ी : जिले के चार प्रखंडों में 11 पंचायत सरकार भवन के निर्माण पर ग्रहण […]

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गड़बड़ी. तालाब वाली जमीन की गयी आवंटित

कार्यपालक अभियंता ने डीएम को रिपोर्ट भेज कर बताया है कि पंचायत सरकार के भवन के लिए आवंटित जमीन या तो तालाब है या फिर वहां गरीबों के घर पहले से मौजूद हैं़
सीतामढ़ी : जिले के चार प्रखंडों में 11 पंचायत सरकार भवन के निर्माण पर ग्रहण लग गया है. इसके निकट भविष्य में भी बनने की कोई उम्मीद नहीं है. संबंधित सीओ के स्तर से हुई चूक के चलते सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना अधर में लटका हुआ है. सरकार के स्पष्ट दिशा-निर्देश के बावजूद पंचायत सरकार भवन के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं कराये जाने के कारण विगत तीन वर्षों से भवन का निर्माण बाधित है.
खास बात यह कि संबंधित सीओ द्वारा भवन के लिए आवंटित जमीन का भौतिक सत्यापन किये बगैर आवंटित कर दिया गया. स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन-एक के कार्यपालक अभियंता सत्यदेव प्रसाद ने डीएम को रिपोर्ट की है, जिसमें यह बताया गया है कि किन कारणों से किस पंचायत में पंचायत सरकार भवन का काम शुरू नहीं कराया गया है. बताया गया है कि तीन वर्ष पूर्व 21 स्थानों पर पंचायत सरकार भवन की स्वीकृति दी गयी थी, जिसमें से सात का निर्माण पूरा हो चुका है. तीन भवन पूर्ण होने की स्थिति में हैं.
तालाब भी आवंटित
रून्नीसैदपुर सीओ द्वारा पंचायत सरकार भवन के लिए छह पंचायतों में जमीन आवंटित की गयी है. भौतिक सत्यापन किये बगैर जमीन के बाबत रिपोर्ट कर दी गयी. संबंधित जमीन पर जब विभागीय अभियंता व संवेदक भवन बनाने के लिए पहुंचे तो माथा पकड़ कर बैठ गये. यानी संबंधित स्थल पर काम कराना संभव ही नहीं है. पाया गया कि उस जगह पर तालाब है और पानी से भरा हुआ है. बिना जांचे-परखे रिपोर्ट करने में डुमरा, नानपुर व बोखड़ा सीओ भी पीछे नहीं रहे.
अतिक्रमण से कार्य लंबित
रून्नीसैदपुर प्रखंड की टिकौली व सिरखिरिया पंचायत में अतिक्रमण के चलते भवन बनना अब तक शुरू नहीं हुआ है. देवना बुजुर्ग व गाढ़ा में संबंधित स्थल पर गड्ढ़ा है. बेलाही नीलकंठ में पानी से भरा पोखर ही भवन के लिए आवंटित कर दिया गया. यही हाल बरहेता पंचायत का है. वहां भी भवन को जो जमीन दी गयी है, वह पानी से भरा तालाब है. डुमरा सीओ द्वारा आजमगढ़ पंचायत में जो जमीन उपलब्ध करायी गयी है, वहां बड़े-बड़े पेंड़ हैं. जब तक पेड़ की कटाई नहीं करा दी जाती है, तब तक भवन का निर्माण शुरू नहीं होगा. नानपुर प्रखंड की गौरा पंचायत में अतिक्रमण कार्य लंबित है़
विवाद के चलते नहीं हुआ निर्माण
तालाब व गड्ढे वाली जमीन पर काम कराना संभव नहीं हो पा रहा है. इसके लिए समतल जमीन चाहिये. संबंधित सीओ ने बिना सोचे-समझे जमीन उपलब्ध कराये जाने के कारण 11 भवन का निर्माण शुरू नहीं हो सका है. इससे सरकार को क्षति है.
सत्यदेव प्रसाद, कार्यपालक अभियंता
गौरा में जमीन संबंधित विवाद नहीं है
ददरी में विवादित जमीन होने के चलते वहां अभी तक भवन नहीं बन सका है. दूसरी जमीन उपलब्ध करायी जायेगी. गौरा पंचायत में संबंधित जमीन के संबंध में कोई विवाद या अड़चन नहीं है. उक्त जमीन का अतिक्रमण नहीं है.
अशोक कुमार यादव, सीओ, नानपुर
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