योजना का लाभ तो मिला गया, पर मकान अधूरा है!

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योजना का लाभ तो मिला गया, पर मकान अधूरा है! इंदिरा आवास योजना के तहत 155 लाभुकों पर अब तक निलाम पत्र वाद की हुई कार्रवाईप्रतिनिधि, शिवहर. इंदिरा आवास योजना के तहत सरकार की ओर से भले ही हर परिवार को छत उपलब्ध कराने की हो. लेकिन योजना को लाभार्थी विफल कर दे रहे हैं. […]

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योजना का लाभ तो मिला गया, पर मकान अधूरा है! इंदिरा आवास योजना के तहत 155 लाभुकों पर अब तक निलाम पत्र वाद की हुई कार्रवाईप्रतिनिधि, शिवहर. इंदिरा आवास योजना के तहत सरकार की ओर से भले ही हर परिवार को छत उपलब्ध कराने की हो. लेकिन योजना को लाभार्थी विफल कर दे रहे हैं. विभागीय आंकड़ों के मुताबिक विगत चार वर्षों में इंदिरा आवास की राशि प्राप्त करने के बाद भी 12032 लोगों का आवास अपूर्ण है, जिसके कारण 155 लोगों पर निलाम पत्र वाद की कार्रवाई हो चुकी है. वही 10619 लाभार्थी के खिलाफ उजला नोटिस निर्गत किया गया है, जबकि 3446 लोगों के विरूद्ध लाल नोटिस जारी किया गया है. हालांकि वित्तिय वर्ष 2014-15 में एक भी लाभुक के विरूद्ध निलाम पत्र वाद दायर नहीं किया गया है.वर्ष 2011-12 में सबसे अधिक पुरनहिया में वाद दायरवित्तिय वर्ष 2011-12 में सबसे अधिक पुरनहिया प्रखंड में निलाम पत्र वाद दायर किये गये. जबकि डुमरी कटसरी व तरियानी प्रखंड में स्थिति शून्य रही. शिवहर में एक अप्रैल 15 के बाद 12 पर निलाम वाद पत्र दायर किये गये. जबकि पुरनहिया प्रखंड में 1 अप्रैल 2015 से पहले सबसे अधिक 35 पर निलाम वाद दायर किया गया. वहीं पिपराही में 31 पर निलाम वाद दायर किया गया. पुरनहिया प्रखंड में इस वित्तिय वर्ष में 1473 इंदिरा आवास की स्वीकृति दी गयी, जिसमें 1013 पूर्ण व 460 अपूर्ण रहे. 1 अप्रैल 15 से पहले 390 के विरूद्ध उजला नोटिस व 352 के विरूद्ध लाल नोटिस जारी किया गया. जबकि 1 अप्रैल के बाद 62 के विरूद्ध उजला नोटिस जारी किया गया. पिपराही प्रखंड में 1960 आवास की स्वीकृति दी गयी, जिसमें 672 आवास अपूर्ण रहे. 369 के विरूद्ध उजला नोटिस व 283 के विरूद्ध लाल नोटिस निर्गत किया गया. शिवहर प्रखंड में 2076 स्वीकृत आवास के विरूद्ध 1577 आवास ही पूर्ण हो सके. डूमरी कटसरी में स्वीकृत आवास 1466 के विरूद्ध 872 का ही निर्माण कार्य पूर्ण हो सका. तरियानी प्रखंड में 6582 स्वीकृत आवास के विरूद्ध 4305 आवास का निर्माण कार्य ही पूर्ण हो सका.वर्ष 2012-13 में सबसे अधिक तरियानी में 1695 आवास रहे अपूर्णवर्ष 2012-13 में सबसे अधिक तरियानी प्रखंड में इंदिरा आवास अपूर्ण रहा. इस प्रखंड में कुल 3126 आवास की स्वीकृति दी गयी. जिसके विरूद्ध 1431 आवास का निर्माण कार्य पूर्ण हो सका. शेष 1695 आवास का निर्माण अधर में लटका रहा. पुरनहिया प्रखंड में 1672 के विरूद्ध 922,पिपराही में 2048 स्वीकृत आवेदन के विरूद्ध 1029, शिवहर में 1714 स्वीकृत आवेदन के विरूद्ध 1304,डुमरी में 1466 के विरूद्ध 919 आवास ही पूर्ण किये जा सके. इस वर्ष जिले में कुल 10026 आवेदन स्वीकृत किये गये. जिसके विरूद्ध 5605 पूर्ण व 4417 आवास अपूर्ण रहे. 3007 के विरूद्ध उजला नोटिस निर्गत किया गया. जबकि1197 के विरूद्ध लाल नोटिस निर्गत किया गया.चार प्रखंड में किसी पर भी नहीं हुआ निलाम पत्र दायरवर्ष 13-14 में चार प्रखंड में एक भी व्यक्ति पर निलाम वाद पत्र की कार्रवाई नहीं हुई. जबकि पुरनहिया प्रखंड में 16 के विरूद्ध निलाम वाद की कार्रवाई की गयी. इस वर्ष जिले में 2941 आवासों की स्वीकृति दी गयी, जिसमें 1051 आवास पूर्ण हुए. वही 1890 आवास आवास अपूर्ण रह गये. 1784 के विरूद्ध उजला नोटिस जारी किया गया. जबकि 778 के विरूद्ध लाल नोटिस जारी किया गया.वर्ष 14-15 में 1223 आवास अपूर्णजिले में वित्तिय वर्ष 14-15 में कुल 1606 आवासों की स्वीकृति दी गयी. जिसमें मात्र 383 आवास ही अब तक पूर्ण हो सके हैं. 1223 आवास आज भी अपूर्ण हैं. 496 के विरूद्ध उजला नोटिस जारी किया गया है. जबकि 92 के विरूद्ध लाल नोटिस जारी किया गया है. निलाम पत्र दायर की एक भी कार्रवाई नहीं की गयी है.कहतीं हैं डीडीसीउप विकास आयुक्त इंदू सिंह ने कहा कि वर्तमान में इंदिरा आवास का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश बीडीओ को दिया गया है. यदि अनुसूचित जाति के लोगों का आवास अधूरा है तो उन पर निलाम वाद की कार्रवाई नहीं करने का निर्देश है. कारण कि मुख्यमंत्री जिर्णोद्धार योजना के तहत लिंटर तक मकान बना चुके लोगों को 30 हजार रुपये छत ढालने के लिए दिया जाना है. अपूर्ण मकानों का निर्माण भी गति पकड़ चुका है.

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