पीएम नरेंद्र मोदी ने बिहारियों से किया वादा 2019 तक सबको बिजली, 2022 तक सबको आवास

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उत्तर बिहार में पीएम की तीन सभाएं 18वीं सदी नहीं, 21वीं सदी में बिहार को ले जाएं शैलेंद्र सीतामढ़ी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तर बिहार में तीन चुनावी सभाएं कीं. इनमें उनके निशाने पर महागंठबंधन रहा. इस दौरान उन्होंने बार-बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के नाम लेकर निशाना […]

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उत्तर बिहार में पीएम की तीन सभाएं
18वीं सदी नहीं, 21वीं सदी में बिहार को ले जाएं
शैलेंद्र
सीतामढ़ी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तर बिहार में तीन चुनावी सभाएं कीं. इनमें उनके निशाने पर महागंठबंधन रहा. इस दौरान उन्होंने बार-बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद के नाम लेकर निशाना साधा. सीतामढ़ी की सभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव तय करेगा, तंत्र-मंत्र चाहिए या लोकतंत्र चाहिए.
अपनी चिर-परिचित शैली में प्रधानमंत्री ने कहा कि परिवार में जब कोई बीमार हो जाता है, तो उसका अच्छे-से-अच्छे डॉक्टर से इलाज व ऑपरेशन करवाया जाये. इसके बाद भी बीमारी ठीक नहीं होती है, तो हारा-थका वो इनसान, चाहे कितना पढ़ा-लिखा क्यों न हो, कितना धनी क्यों नहीं हो, कितना अंहकार वाला क्यों नहीं हो.
अपने कितना बड़ा तीसमार खां समझनेवाला क्यों न हो, लेकिन जब परिवार का सदस्य सभी डॉक्टरों की मदद के बाद भी ठीक नहीं होता है, तो वो जादू-टोना व जंतर-मंतर करवाने चला जाता है. उन्होंने कहा िक 2019 तक सभी गांवों में िबजली और 2022 तक सबको आवास मुहैया करा दूंगा.
सीतामढ़ी के हवाई अड्डा मैदान में प्रधामंत्री ने कहा कि मैं बिहारवासियों से पूछना चाहता हूं. सीतामढ़ी की पवित्र धरती से यहां आये लोगों से पूछना चाहता हूं. क्या मंत्र-तंत्र उन्हें बचा सकता है? क्या जंतर-मंतर से उनकी नैया पार लग सकती है? क्या जंतर-मंतर से उनके पाप धुल सकते हैं? क्या इससे गरीबों को शिक्षा मिल सकती है? नौजवान को रोजगार मिल सकता है? क्या इससे गांव-गांव, घर-घर बिजली आ सकती है?
क्या इससे किसान को खेत में पानी मिल सकता है? ये जंतर-मंतर कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले नीतीश जी लालू जी के पास गये और जब सोनिया जी के पास गये, तो मुझे लग गया कि अब ये बच नहीं सकते. पिछले छह महीने में पूरी कोशिश कर ली, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा, तो जंतर-मंतर आ गया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार अभी जो कर रहे हैं, वो लोकतंत्र का अपमान है. यहां की करोड़ों जनता का अपमान है. वो बिहार को 21वीं सदी की जगह 18वीं सदी में ले जाना चाह रहे हैं. इसके बाद प्रधामंत्री ने सभा में आये लोगों से पूछा कि क्या हिंदुस्तान को तंत्र-मंत्र चाहिए या फिर लोकतंत्र चाहिए.
इस पर सभा में आये लोगों ने कहा कि लोकतंत्र. प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार 21वीं सदी में प्रवेश करना चाहिए. इसके बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि ये चुनाव केवल ये तय करने के लिए नहीं है कि किसकी सरकार बनेगी, बल्कि इस चुनाव से बिहार का भाग्य तय होगा. हम आपसे ये गुजारिश करने आये है कि आप विकास करनेवाले को चुनें. विकास करनेवाले पर भरोसा कीजिये. उन्होंने कहा कि हम विकास लेकर आपके पास आये हैं.
प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव में एक तरफ विकास राज का मंत्र है, तो दूसरी तरफ अवसरवाद की गूंज है. प्रधानमंत्री ने कहा कि एक तरफ विकासवाद है, तो दूसरी तरफ विनास के रास्ते खोजे जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि हमें अगर मुसीबतों से बरी होना है, तो उसके लिए एक ही जड़ी बूटी काम आयेगी, उस जड़ी-बूटी का नाम विकास है. प्रधानमंत्री ने कहा कि हम पर अनाप-शनाप के आरोप लगाये जा रहे हैं. ऐसी बातें मेरे मुंह में डाली जा रही हैं, जो हमने कभी सोची नहीं. उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का एक उत्सव है. लोकतंत्र की शिक्षा दीक्षा की ओपन यूनिवर्सिटी होता है. चुनाव के दौरान वाज-विवाद व संवाद होता है. चुनाव मंथन का अवसर होता है. इससे जो अमृत निकलता है, उसे लेकर पांच सालों तक शासन चलाना होता है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान मैंने पचास हजार करोड़ रुपये देने का वादा किया था, लेकिन हमने 1.65 लाख करोड़ का पैकेज दिया. उन्होंने कहा कि बिहार के विकास के लिए मेरे पास छह सूत्रीय एजेंडा है. इसमें तीन सूत्री एजेंडा प्रदेश के विकास के लिए है, जिसमें बिजली, सड़क व पानी शामिल है.
इसके अलावा तीन सूत्री एजेंडा यहा रहनेवाले परिवारों के लिए जिसमें, पढ़ाई, लिखायी व दवाई शामिल है. श्री मोदी ने कहा कि हम 2019 तक हम बिहार के हर गांव में बिजली पहुंचायेंगे और 2022 तक हर घर में बिजली का कनेक्शन देंगे. प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें केंद्र में काम करते हुये 16 महीने हो गये हैं. हमने एक भी दिन छुट्टी नहीं ली है, क्योंकि सत्ता सुख का साधन नहीं होती है. सेवा का साधन होती है. इसलिए हम लोग लगातार काम कर रहे हैं. सभा का संचालन भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री रजनीश कुमार ने किया.
मुशायरे में थ्री इडियट का गीत क्यों लाये?
प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दिनों लालू-नीतीश के बीच स्पर्धा चल रही है. चाहे भ्रष्टाचार की हो या फिर सत्य से नाता तोड़ने की हो. चाहे भाई-भतीजा वाद को सुरक्षित करना हो या फिर अपराधियों को संरक्षण देने की बात हो. ऐसा लग रहा है कि दोनों के बीच स्पर्धा चल रही है, लेकिन अब तो मनोरंजन में भी दोनों ने स्पर्धा शुरू कर दी है. नीतीश जी को कल हमने प्रैक्टिस करते देखा है.
वो मुशायरा कर रहे थे. उनके साथ दरबारी भी ऐसे थे, जो कविता पूरी होने के पहले ही वाह-वाह कर रहे थे. मुस्करा रहे थे. प्रधानमंत्री ने कहा कि महागंठबंधन में तीन सहयोगी हैं, ये तो मुझे पता था, लेकिन नीतीश जी अपने मुशायरे में थ्री इडियट का गीत क्यों ले आये. ये समझ में नहीं आया. अगर परैडी करना थी, तो थ्री एडियट पर ही क्यों. वाह नीतीश बाबू वाह. आठ दिन बचा है, उसके बाद मुशायरा करते रहियेगा नीतीश बाबू.
गरीबों का पैसा नहीं हुआ खर्च
पीएम ने कहा कि हमने गरीबों के आवास के लिए 400 करोड़ रुपये भेजे थे, जिनमें अब तक 300 करोड़ बैंक में पड़े हैं. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के लिए 1575 करोड़ रुपये भेजे, जिनमें 870 करोड़ बैंकों में पड़े हैं. वे काम नहीं कर पाये. ऐसे में क्या कहेंगे, जब रुपये होने के बाद भी काम नहीं हो. उन्हें जब तक अपना ठेकेदार नहीं मिलता, तब तक काम नहीं दिया जाता है. क्या ऐसे काम होगा? पैसों की कोई कमी नहीं है. बिहार को आगे बढ़ाने के लिए काम करनेवाला व्यक्ति चाहिए.
वोटिंग में तोड़ो दो चरणों का रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री ने कहा कि 28 को तीसरे चरण का चुनाव है. जिन इलाकों में मतदान होना है, वहां के लोगों से मेरा निवेदन है कि वे घरों से निकलें और वोट डालें. पहले दोनों चरणों के रिकाॅर्ड को तोड़ दें और ऐसे ही चौथे चरण में आप लोग पहले तीन चरणों का रिकार्ड तोड़िए.
2012 उत्तर प्रदेश िवधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अल्पसंख्यकों को 9% आरक्षण देने का वादा किया था. आज नीतीश जी और लालू जी उनके साथ हैं, तो मैं नीतीश जी और लालू जी से पूछना चाहता हूं कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरक्षण की सीमा 50% निर्धारित किये जाने के कारण वह अल्पसंख्यकों के लिए 9% आरक्षण दलितों के हिस्से से निकाल कर देंगे या फिर मौजूदा आरक्षण में पिछड़ों/अतिपिछड़ों की हिस्सेदारीकम करेंगे ?
अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
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