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बगैर लाइसेंस जिले में चल रहीं पांच हजार दवा दुकानें

Updated at : 03 Jan 2020 12:36 AM (IST)
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बगैर लाइसेंस जिले में चल रहीं पांच हजार दवा दुकानें

अब तक तीन हजार दवा दुकानों का ही है निबंधन मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे झोला छाप चिकित्सक सीतामढ़ी : जिले में प्रशासन व औषधि विभाग के आंख में धूल झोंककर बगैर लाइसेंस के हजारों दवा दुकान चल रहे हैं. एक अनुमान के अनुसार जिले में पांच हजार दवा की दुकान अवैध रूप […]

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अब तक तीन हजार दवा दुकानों का ही है निबंधन

मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे झोला छाप चिकित्सक
सीतामढ़ी : जिले में प्रशासन व औषधि विभाग के आंख में धूल झोंककर बगैर लाइसेंस के हजारों दवा दुकान चल रहे हैं. एक अनुमान के अनुसार जिले में पांच हजार दवा की दुकान अवैध रूप से चल रहे हैं.
औषधि विभाग के अनुसार करीब तीन हजार दवा दुकान ही विभाग से निबंधित है. औषधि निरीक्षक बृज मोहन प्रसाद ने कहा कि जानकारी मिल रही है कि शहर से सटे ग्रामीण क्षेत्र के साथ प्रखंड स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत सारे दवा दुकानदार अवैध रूप से दवा की दुकान खोले हुए हैं.
कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों को लिखा गया है. निर्देश मिलने पर टीम बनाकर छापेमारी की जायेगी. शहर के बीचो बीच डुमरा रोड, मेहसौल, सुरसंड रोड के साथ अस्पताल रोड पर सप्ताह में एक दिन आने वाले चिकित्सकों के क्लिनिक पर सारे नियम कानून को ताक पर रख कर दवा दिया जाता है. कई सारी दवाएं तो ऐसी होती है, जिन्हें फ्रीज में रखना होता है.
वैसे दवा को भी आराम से मरीजों को दिए जा रहे हैं. जब इस संबंध में प्रभात खबर ने औषधि निरीक्षक से पूछा तो उन्होंने कहा कि जानकारी है, परंतु कोई आदमी सिविल सर्जन अथवा मेरे कार्यालय में आवेदन दे तो जल्द ही कार्रवाई होगी.जानकारों की माने तो अवैध दवा दुकानों के कारण सरकार को लाखों रुपये राजस्व की क्षति हो रही है.
छोला-छाप चिकित्सक बेच रहे हैं दवा
विभाग की लापरवाही तो यह है कि शहर से लेकर गांव तक छोला-छाप चिकित्सक अपने घर व बैग में ही दवा दुकान खोलकर रखे हुए हैं. जब जरुरत पड़ती है लोगों को बिना सेफ्टी के दवा उपलब्ध करा रहे हैं. परंतु औषधि विभाग पूरी तरह से नकारा साबित हुआ है.
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