शेखपुरा में बाल श्रम पर कड़ा प्रहार, बरबीघा बाजार में धावा दल की छापेमारी, ट्रैक्टर से ईंट उतार रहे दो मासूम बच्चे मुक्त

Published by : Aditya Kumar Ravi Updated At : 23 May 2026 9:13 PM

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बाल कल्याण समिति ने बाल श्रम से निकलने 2 बच्चे

Sheikhpura News: शेखपुरा जिले में बाल श्रम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 23 मई 2026 (शनिवार) को श्रम संसाधन विभाग और जन निर्माण केंद्र की पहल पर धावा दल ने बरबीघा बाजार में बड़ी कार्रवाई की. टीम ने ट्रैक्टर से ईंट उतार रहे दो नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया. प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों बच्चों को बाल कल्याण समिति, शेखपुरा को सौंप दिया गया है. इस अभियान में प्रभारी श्रम अधीक्षक नरेश प्रसाद, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अरुण कुमार, मिथिलेश कुमार, मुरली मनोहर मणि और राकेश रौशन शामिल रहे.

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Sheikhpura News(प्रदीप कुमार): शेखपुरा जिले में बाल श्रम उन्मूलन को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत शनिवार को प्रशासन ने एक बड़ी सफलता हासिल की है. श्रम संसाधन विभाग एवं जन निर्माण केंद्र, शेखपुरा की संयुक्त पहल पर गठित धावा दल ने बरबीघा बाजार क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी कर दो मासूम बच्चों को बाल श्रम की दलदल से सकुशल मुक्त कराया है. इस औचक कार्रवाई के बाद बाल मजदूरी कराने वाले स्थानीय दुकानदारों, ट्रैक्टर मालिकों और व्यवसायियों के बीच हड़कंप मच गया है.

ट्रैक्टर से ईंट उतारने के भारी काम में झोंके गए थे मासूम

श्रम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को गुप्त सूचना मिली थी कि बरबीघा बाजार के समीप नाबालिग बच्चों से भारी श्रम कराया जा रहा है. सूचना मिलते ही एक्टिव मोड में आई धावा दल की टीम ने मौके पर घेराबंदी कर औचक छापेमारी की. मौके पर देखा गया कि दो मासूम बच्चे बेहद जोखिम भरे तरीके से ट्रैक्टर से ईंट उतारने के कड़े काम में झोंके गए थे. टीम ने बिना वक्त गंवाए त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों बच्चों को काम से तुरंत रोककर अपनी कस्टडी में ले लिया और सुरक्षित रेस्क्यू किया.

बाल कल्याण समिति शेखपुरा को सौंपे गए बच्चे, होगी कानूनी कार्रवाई

रेस्क्यू किए गए दोनों पीड़ित बच्चों को इसके बाद अनुमंडल कार्यालय लाया गया, जहाँ आवश्यक कागजी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद दोनों बच्चों को आगे की काउंसिलिंग, उचित देखरेख और पुनर्वास के लिए बाल कल्याण समिति (CWC), शेखपुरा को सकुशल सौंप दिया गया है.

वहीं, नियमों का उल्लंघन कर नाबालिग बच्चों से भारी काम कराने वाले दोषी नियोजकों (मालिकों) के खिलाफ भी श्रम कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

बाल श्रम के खिलाफ लगातार जारी रहेगा आक्रामक अभियान: अधिकारी

इस महत्वपूर्ण और सफल छापेमारी अभियान में श्रम विभाग और सामाजिक संस्थाओं की सक्रिय सहभागिता रही.

श्रम अधीक्षक (प्रभारी) नरेश प्रसाद, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अरुण कुमार, मिथिलेश कुमार एवं मुरली मनोहर मणि. साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता राकेश रौशन मुख्य रूप से मौजूद रहे.

अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिकारियों ने दोटूक लहजे में कहा कि नाबालिग बच्चों से किसी भी रूप में व्यावसायिक बाल मजदूरी कराना कानूनन संगीन अपराध है. शेखपुरा जिले को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए ईंट-भट्टों, गैरेजों, होटलों और निर्माण साइटों पर आगे भी यह आक्रामक चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को सीधे जेल भेजा जाएगा.

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