फटेहाल जिंदगी जी रहे मजदूर
Updated at : 29 Apr 2016 12:43 AM (IST)
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परेशान . बालू, गिट्टी की अनुपलब्धता के कारण सैकड़ों मजदूर कर रहे पलायन बरबीघा के भवन निर्माण में लगे सैकड़ों मजदूरों को इन दिनों फटेहाली में जीना पड़ रहा है. हालांकि वे सभी मजदूरी खोजने बरबीघा स्थित महुआ तल अपने अड्डा पर रोज पहुंचते हैं. पर इनमें से कुछ लोगों को ही काम मिल पाता […]
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परेशान . बालू, गिट्टी की अनुपलब्धता के कारण सैकड़ों मजदूर कर रहे पलायन
बरबीघा के भवन निर्माण में लगे सैकड़ों मजदूरों को इन दिनों फटेहाली में जीना पड़ रहा है. हालांकि वे सभी मजदूरी खोजने बरबीघा स्थित महुआ तल अपने अड्डा पर रोज पहुंचते हैं. पर इनमें से कुछ लोगों को ही काम मिल पाता है. शेष को बेकार हो घर लौटना पड़ रहा है.
बरबीघा (शेखपुरा) : बरबीघा के भवन निर्माण में लगे सैकड़ों मजदूरों को इन दिनों फटेहाली में जीना पड़ रहा है. हालांकि वे सभी मजदूरी खोजने बरबीघा स्थित महुआ तल अपने अड्डा पर रोज पहुंचते हैं. पर इनमें से कुछ लोगों को ही काम मिल पाता है. शेष को बेकार हो घर लौटना पड़ रहा है. इसका कारण है कि महंगाई और निर्माण सामग्री का अभाव है. इस अभाव के कारण बरबीघा क्षेत्र में निर्माण कार्य 80 प्रतिशत प्रभावित हुआ है. बालू, गिट्टी की अनुपलब्धता के कारण सैकड़ों मजदूर रोजी-रोटी के तलाश में पलायन कर गये हैं.
मजदूरों को नहीं मिला सरकारी अनुदान : राज्य सरकार की घोषणा का लाभ बरबीघा के भवन निर्माण से जुड़े मजदूरों को नहीं मिल पाया है. राज्य सरकार ने इन मजदूरों का निबंधन श्रम विभाग में करा कर साइकिल, औजार और घर मरम्मती के लिए 15 हजार रुपये सरकारी अनुदान देने की घोषणा की थी. इस अनुदान का लाभ लेने के लिए मजदूरों ने प्रति माह 20 रुपये की दर से 240 रुपये श्रम विभाग में जमा कराया, पर यह लाभ उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है.
मजदूर श्रवण कुमार, कौशलेश कुमार, सुशील रविदास, चमरू पंडित, राजकुमार पासवान, ईश्वर चौधरी, परशुराम पासवान, रविंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि जिला श्रम अधीक्षक सरकारी अनुदान प्राप्त कराने में आनाकानी कर रहे हैं. कार्यालय के टालमटोल नीति से वे सभी तंग हो चुके हैं. श्रमिकों ने बताया कि सभी जिला द्वारा इस अनुदान को बांट दिया गया है, केवल शेखपुरा जिला इस अनुदान से वंचित है. श्रमिकों ने नये जिलाधिकारी से इस अनुदान को दिलाने में हस्तक्षेप करने की मांग की है.
नपं ने नहीं की श्रमिकों के ठहराव स्थल की व्यवस्था :
श्रमिकों ने बताया कि वे लोग रोड किनारे इंतजार कर अपनी मजदूरी का तलाश करते हैं. सुबह दुकान बंद रहने के कारण उनको कोई डांट नहीं पिलाता है. दुकान खुलने का समय होते ही उन्हें इधर-उधर भटकना पड़ता है. इसकी शिकायत नगर पंचायत के कार्यपालक अधिकारी से की गयी है. पर किसी ने उनकी नहीं सुनी. श्रमिकों ने गरमी और बसात में अधिक परेशानी होने की बात कही.
नहीं मिलती है उचित मजदूरी : श्रमिकों ने बताया कि उन्हें उचित मजदूरी नहीं मिलती है. कुशल और अकुशल मजदूरों के मजदूरी में कोई अंतर नहीं है.
नहीं मिलती है सुरक्षा : मजदूरों ने शिकायत की कि कुछ महाजन उनसे मजदूरी करा कर मजदूरी राशि नहीं देते हैं. इसकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं है. श्रमिकों ने डीएम और एसपी से थाना स्तर पर मजदूर शिकायत प्रकोष्ठ शुरू करने की मांग की.
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